फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   family institution must be preserved but men should shed their condescending attitudes women bv nagarathna

Family: 'परिवार संस्था को बचाना जरूरी, लेकिन पुरुषों को...', जस्टिस बीवी नागरत्ना की अहम टिप्पणी

Sat, 06 Jan 2024 12:08 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Sat, 06 Jan 2024 12:08 PM IST
सार

जस्टिस नागरत्ना ने कहा 'परिवार में अगर महिलाओं की पहचान खत्म होगी तो एक ना एक दिन शादी का टूटना तय है। हर सफल व्यक्ति के पीछे परिवार होता है। महिलाओं की भूमिका को शादी में कमतर नहीं आंका जाना चाहिए।' 

विज्ञापन
family institution must be preserved but men should shed their condescending attitudes women bv nagarathna
जस्टिस बीवी नागरत्ना - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बीवी नागरत्ना ने शुक्रवार को कहा कि परिवार संस्था और शादी को बचाना जरूरी है लेकिन इसके लिए पुरुषों को अपने आप को दूसरों से अहम समझने वाले व्यक्तित्व को छोड़ना होगा। उन्होंने ये भी कहा कि शादी में महिलाओं की अहमियत को भी मानना पड़ेगा और उन्हें कमतर समझना बंद करना होगा। 28वें जस्टिस सुनंदा भंडारे मेमोरियल लेक्चर में अपने संबोधन में जस्टिस बीवी नागरत्ना ने यह बात कही। 
विज्ञापन


शादी संस्था का बना रहना जरूरी
जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि 'महिला और पुरुष दोनों शादी के दो अहम स्तंभ हैं। परिवार की अहम भूमिका होती है लेकिन घरेलू हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं। पुरुषों को अपने आप को अहम मानने वाले व्यक्तित्व को छोड़ना पडे़गा। शादी और परिवार संस्था का बना रहना जरूरी है और यह खुशी और परिवार और महिलाओं की बेहतरी पर आधारित होना चाहिए। परिवार में अगर महिलाओं की पहचान खत्म होगी तो एक ना एक दिन शादी का टूटना तय है। हर सफल व्यक्ति के पीछे परिवार होता है। महिलाओं की भूमिका को शादी में कमतर नहीं आंका जाना चाहिए।' 
विज्ञापन


महिलाओं की स्थिति पर जताई चिंता
जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि शादी टूटने का असर बच्चों पर भी पड़ता है। उल्लेखनीय है कि जस्टिस बीवी नागरत्ना साल 2027 में देश की पहली मुख्य न्यायाधीश नियुक्त होंगी। देश के कार्यबल में महिलाओं की स्थिति पर जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि 'महिलाओं के गर्भवती होने पर उनसे पूछा जाता है कि उन्हें अंतिम बार पीरियड कब हुआ था। निजी क्षेत्र में अगर कोई महिला बच्चे को जन्म देने के लिए छुट्टी लेती है तो जब वह वापस आती है तो वह पाती है कि उसकी जगह कोई और नियुक्त कर लिया गया है, यह नहीं चल सकता।'
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed