फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Families forced to pay dowry if girls are ugly: Maharashtra board textbook 

स्कूलों में पढ़ाया जाएगा 'लड़की देखने में बुरी हो तो देना होता है अधिक दहेज'

Fri, 03 Feb 2017 03:01 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 03 Feb 2017 03:01 PM IST
विज्ञापन
Families forced to pay dowry if girls are ugly: Maharashtra board textbook 
- फोटो : Getty Images
महाराष्ट्र सरकार की 12वीं कक्षा की पुस्तक में ज्यादा दहेज मांगने की वजह लड़कियों की बदसूरती और विकलांगता को बताया गया है। लड़कियां के बारे में बेहद आपत्तिजनक ज्ञान बांटने वाली इस पुस्तक के मुताबिक देश में दहेज प्रथा के जारी रहने का एक कारण लड़कियों की बदसूरती और विकलांगता है। 
विज्ञापन


यह ज्ञान समाज शास्त्र की पुस्तक के ‘भारत में बड़ी सामाजिक समस्याएं’ नामक अध्याय में दिया गया है। यह पुस्तक महाराष्ट्र सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी एजुकेशन बोर्ड की देखरेख में लिखी गई है। पुस्तक में कहा गया है कि, ‘यदि कोई लड़की बदसूरत और विकलांग है, तो उसका विवाह होना मुश्किल होता है। ऐसी लड़की से विवाह के बदले लड़के वाले ज्यादा दहेज की मांग करते हैं। ऐसी लड़कियों के माता-पिता भी खुद को असहाय पाते हैं और ज्यादा दहेज देने को बाध्य होते हैं। इस कारण दहेज प्रथा को प्रोत्साहन मिलता है।’ 
विज्ञापन


क्या लैंगिक समानता और अधिकारों की मांग करने वाले संगठन इस विवादित ज्ञान के प्रति विरोध जता सकते हैं? इस सवाल पर बोर्ड के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि मामले की जांच की जाएगी। एजुकेशन बोर्ड के चेयरमैन गंगाधर मामाने ने कहा, ‘मैं इस मामले पर पहले बोर्ड ऑफ स्टडीज के साथ चर्चा करूंगा, फिर कोई टिप्पणी करूंगा।’
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed