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फेक न्यूज पर लगेगा अंकुश, उच्च स्तरीय समिति ने सोशल मीडिया प्रमुखों को दी हिदायत
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Thu, 30 Aug 2018 02:27 AM IST
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FAKE NEWS
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कानून का पालन करो या फिर कार्रवाई के लिए तैयार रहो। सरकार कुछ इसी तरह का सख्त संदेश भारत में सोशल मीडिया के उन प्रमुखों को देने जा रही है, जो फेक न्यूज पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं। सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और चाइल्ड पोर्नोग्राफी के अलावा गलत जानकारी पर रोक के लिए सरकार की उच्च स्तरीय समिति ने कुछ इसी तरह की सिफारिश की है।
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पिछले एक साल के दौरान लगभग 40 लोगों के भीड़ हिंसा के शिकार होने के बाद गठित सचिवों की समिति ने इस मुद्दे पर चर्चा की। इस बैठक के बारे में एक अधिकारी ने बताया कि व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक न्यूज फैलाने से इस तरह की घटनाएं होती हैं।
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केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में गठित समिति ने गृह मंत्री राजनाथ की अध्यक्षता वाले मंत्री समूह (जीओएम) को अपनी रिपोर्ट सौंपी है। इसके बाद गृह मंत्री समिति की सिफारिश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपेंगे।
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अधिकारी ने बताया कि भारत में सभी वैश्विक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के कंट्री प्रतिनिधि मौजूद हैं। यदि वे अपने प्लेटफॉर्मों से आपत्तिजनक कंटेंट या वीडियो तत्काल हटाने का पालन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
बैठक में फेक न्यूज, सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने वाले कंटेंट और वीडियो के प्रसारित होने के कारण भीड़ हिंसा, सांप्रदायिक तनाव और दंगे जैसी घटनाओं को देखते हुए विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के शीर्ष अधिकारियों ने इस मुद्दे पर चर्चा की।
हाल ही में ट्विटर इंडिया, फेसबुक, व्हाट्सएप तथा यूट्यूब के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में सरकारी अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को बिना देरी किए दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। यदि वे ऐसा नहीं कर पाते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
कानून प्रवर्तन एजेंसियां भी कहती रही हैं कि सोशल मीडिया गैर-जिम्मेदाराना और भड़काऊ मैसेज के प्रसारित होने से अनजान नहीं रह सकते हैं और न ही वे अपनी जिम्मेदारी से बच सकते हैं।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के भारतीय प्रतिनिधियों ने सहयोग का वादा किया है और कानून प्रवर्तन एजेंसियां उनकी गतिविधियां पर गंभीरता से नजर रखेंगी। समिति ने मंत्री समूह को अपनी रिपोर्ट सौंपने से पहले समाज के विभिन्न तबकों और अन्य पक्षकारों से भी राय-मशविरा किया है।