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MEA: 'तथ्यात्मक रूप से गलत...', त्रिपुरा में बांध खोलने से बांग्लादेश में बाढ़ की खबरों को भारत ने किया खारिज
Thu, 22 Aug 2024 03:40 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 22 Aug 2024 03:40 PM IST
सार
MEA: विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा कि नदियों में बाढ़ एक साझा समस्या है। यह दोनों तरफ के लोगों को तकलीफ पहुंचाती है। इस समस्या को हल करने के लिए दोनों देशों के बीच करीबी सहयोग की जरूरत है।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
भारत ने गुरुवार को बांग्लादेश में बाढ़ की स्थिति को लेकर आई खबरों को गलत करार दिया है। खबरों में कहा गया था कि त्रिपुरा में गुमटी नदी पर बने बांध को खोलने की वजह से बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में बाढ़ आ गई है।
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नदियों में बाढ़ एक साझा समस्या'
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा, "नदियों में बाढ़ एक साझा समस्या है। यह दोनों तरफ के लोगों को तकलीफ पहुंचाती है। इस समस्या को हल करने के लिए दोनों देशों के बीच करीबी सहयोग की जरूरत है।" मंत्रालय ने कहा, "हमने देखा है कि बांग्लादेश में यह चिंता जताई जा रही है कि गुमटी नदी के ऊपर बने डंबर बांध को खोलने के कारण बांग्लादेश के पूर्वी सीमा वाले जिलों में बाढ़ आई है। यह तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।"
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'गुमटी नदी के जलग्रहण क्षेत्र में हुई भारी बारिश'
मंत्रालय ने आगे कहा, "गुमटी नदी के जलग्रहण क्षेत्र में हाल ही में इस साल की सबसे भारी बारिश हुई है।" विदेश मंत्रालय ने बताया कि बांग्लादेश में बाढ़ का मुख्य कारण बांध के नीचे बहते हुए बड़े जलग्रहण क्षेत्रों से आया पानी है। एमईए ने कहा कि डम्बर बांध बांग्लादेश की सीमा से काफी दूर ( 120 किलोमीटर से ज्यादा) स्थित है।
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इसने आगे कहा, "यह कम ऊंचाई का बांध (करीब 30 मीटर) है, जो बिजली पैदा करता है। बिजली एक ग्रिड में जाती है और बांग्लादेश भी त्रिपुरा से 40 मेगावाट बिजली लेता है।" मंत्रालय ने आगे कहा, "नदी की करीब 120 किलोमीटर लंबी यात्रा में हमारे अमरपुर, सोनामुरा और सोनामुरा-2 स्थान अवलोकन स्थल हैं।" त्रिपुरा और बांग्लादेश के पड़ोसी जिलों में 21 अगस्त से भारी बारिश हो रही है।
'नदी जल सहयोग द्विपक्षीय संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा'
मंत्रालय ने कहा, "बांग्लादेश को 21 अगस्त को दोपहर तीन बजे भारी पानी की स्थिति पर डाटा प्रदान किया गया था। बाढ़ के कारण बिजली कटौती और संचार की समस्याएं आईं। फिर भी हमने अन्य माध्यमों के जरिए डाटा का संचार बनाए रखने की कोशिश की।" विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों के बीच 54 साझा सीमा पार नदियां हैं और नदी जल सहयोग द्विपक्षीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हम जल संसाधनों और नदी जल प्रबंधन के मुद्दों और आपसी चिंताओं को द्विपक्षीय परामर्श और तकनीकी चर्चाओं के जरिए हल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।