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BCCI President: गांगुली को दूसरा मौका नहीं मिलने पर TMC-BJP आमने-सामने, BCCI से विदाई के बाद क्या करेंगे दादा?
Wed, 12 Oct 2022 03:24 PM IST
जयदेव सिंह
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जयदेव सिंह
Updated Wed, 12 Oct 2022 03:24 PM IST
सार
गांगुली को दूसरा कार्यकाल नहीं दिए जाने पर TMC ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया है? इन आरोपों पर भाजपा का क्या कहना है? गांगुली को दूसरा कार्यकाल नहीं दिए जाने की क्या वजह बताई जा रही है? आइये जानते हैं…
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सौरव गांगुली
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पूर्व क्रिकेटर रोजर बिन्नी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI के अगले अध्यक्ष हो सकते हैं। ऐसा होने पर बिन्नी भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की जगह लेंगे। मौजूदा BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली को दूसरा कार्यकाल नहीं दिए जाने पर राजनीति भी शुरू हो गई है। पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भाजपा आमने-सामने हैं।
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गांगुली को दूसरा कार्यकाल नहीं दिए जाने पर TMC ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया है? इन आरोपों पर भाजपा का क्या कहना है? गांगुली को दूसरा कार्यकाल नहीं दिए जाने की क्या वजह बताई जा रही है? BCCI से विदाई के बाद सौरव का अगला कदम क्या होगा? आइये जानते हैं…
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गांगुली को दूसरा कार्यकाल नहीं दिए जाने पर TMC ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया है?
TMC ने सौरव को दूसरा मौका नहीं दिए जाने के पीछे भाजपा का हाथ बताया और इसे राजनीतिक बदले का कदम करार दिया। ममता बनर्जी की पार्टी की ओर से कहा गया कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान सौरव ने भाजपा में शामिल होने से इनकार कर दिया था। इसी वजह से भाजपा ने उन्हे दोबारा BCCI अध्यक्ष नहीं बनने दिया।
TMC सांसद शांतनु सेन ने ट्वीट किया, 'राजनीतिक प्रतिशोध का एक और उदाहरण। अमित शाह के बेटे को दोबारा BCCI का सचिव बनाया जा सकता है, लेकिन सौरव गांगुली को नहीं। क्या यह सब इसलिए क्योंकि वह ममता बनर्जी के राज्य से आते हैं या वह भाजपा में शामिल नहीं हुए? दादा हम आपके साथ हैं।’
TMC प्रवक्ता कुणाल घोष ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर जय शाह को दूसरा टर्म मिल सकता है तो सौरव गांगुली को क्यों नहीं मिल सकता? यह सब राजनीतिक प्रतिशोध के तहत किया गया है। TMC का कहना है कि ऐसा लगता है कि सौरव गांगुली को अपमानित करने की कोशिश की जा रही है।
TMC ने सौरव को दूसरा मौका नहीं दिए जाने के पीछे भाजपा का हाथ बताया और इसे राजनीतिक बदले का कदम करार दिया। ममता बनर्जी की पार्टी की ओर से कहा गया कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान सौरव ने भाजपा में शामिल होने से इनकार कर दिया था। इसी वजह से भाजपा ने उन्हे दोबारा BCCI अध्यक्ष नहीं बनने दिया।
TMC सांसद शांतनु सेन ने ट्वीट किया, 'राजनीतिक प्रतिशोध का एक और उदाहरण। अमित शाह के बेटे को दोबारा BCCI का सचिव बनाया जा सकता है, लेकिन सौरव गांगुली को नहीं। क्या यह सब इसलिए क्योंकि वह ममता बनर्जी के राज्य से आते हैं या वह भाजपा में शामिल नहीं हुए? दादा हम आपके साथ हैं।’
TMC प्रवक्ता कुणाल घोष ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर जय शाह को दूसरा टर्म मिल सकता है तो सौरव गांगुली को क्यों नहीं मिल सकता? यह सब राजनीतिक प्रतिशोध के तहत किया गया है। TMC का कहना है कि ऐसा लगता है कि सौरव गांगुली को अपमानित करने की कोशिश की जा रही है।
दिलीप घोष
- फोटो : twitter.com/BJP4Bengal
इन आरोपों पर भाजपा का क्या कहना है?
भाजपा ने BCCI में हुए बदलाव को उनका आंतरिक मामला बताया है। पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने कहा, “हम इस तरह की बहस में नहीं शामिल होते हैं। क्योंकि ऐसी बहस में शामिल होना भी सौरव गांगुली का अपमान है। भाजपा की अपनी एक विचारधारा है और वह इस तरह की राजनीति नहीं करती है।
वहीं, भाजपा सांसद दिलीप घोष ने कहा, ‘हमें नहीं पता की भाजपा ने कब सौरव गांगुली को पार्टी में शामिल करने की कोशिश की। सौरव गांगुली एक दिग्गज क्रिकेटर हैं। कुछ लोग BCCI में हो रहे बदलाव के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। जब सौरव BCCI अध्यक्ष बने थे तो क्या उसमें उनकी कोई भूमिका थी? TMC को हर मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए।’
भाजपा ने BCCI में हुए बदलाव को उनका आंतरिक मामला बताया है। पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने कहा, “हम इस तरह की बहस में नहीं शामिल होते हैं। क्योंकि ऐसी बहस में शामिल होना भी सौरव गांगुली का अपमान है। भाजपा की अपनी एक विचारधारा है और वह इस तरह की राजनीति नहीं करती है।
वहीं, भाजपा सांसद दिलीप घोष ने कहा, ‘हमें नहीं पता की भाजपा ने कब सौरव गांगुली को पार्टी में शामिल करने की कोशिश की। सौरव गांगुली एक दिग्गज क्रिकेटर हैं। कुछ लोग BCCI में हो रहे बदलाव के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। जब सौरव BCCI अध्यक्ष बने थे तो क्या उसमें उनकी कोई भूमिका थी? TMC को हर मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए।’
बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह
- फोटो : आईपीएल
गांगुली को दूसरा कार्यकाल नहीं दिए जाने क्या वजह बताई जा रही है?
BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली और संयुक्त सचिव जयेश जॉर्ज को छोड़कर BCCI की मौजूदा कार्यकारणी के सभी सदस्यों को दूसरा कार्यकाल मिलने जा रहा है। गांगुली को दूसरा मौका नहीं दिए जाने के पीछे बोर्ड के सदस्यों की नाराजगी वजह बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गांगुली के कई फैसलों से बोर्ड के सदस्य नाराज थे।
गांगुली पर आरोप है कि उन्होंने ऐसे ब्रांड्स का समर्थन किया जो BCCI के आधिकारिक स्पॉन्सर्स के प्रतिद्वंदी थे। पूर्व BCCI अध्यक्ष और BCCI मेंटर एन श्रीनिवासन खेमा गांगुली के खिलाफ था। गांगुली के कार्यकाल के दौरान भी श्रीनिवासन लगातार गांगुली के निर्णयों के मुखर तौर पर विरोध करते रहे। कहा जा रहा है कि श्रीनिवासन खेमे की नाराजगी गांगली के दूसरे कार्यकाल में सबसे बड़ा रोड़ा साबित हुई।
BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली और संयुक्त सचिव जयेश जॉर्ज को छोड़कर BCCI की मौजूदा कार्यकारणी के सभी सदस्यों को दूसरा कार्यकाल मिलने जा रहा है। गांगुली को दूसरा मौका नहीं दिए जाने के पीछे बोर्ड के सदस्यों की नाराजगी वजह बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गांगुली के कई फैसलों से बोर्ड के सदस्य नाराज थे।
गांगुली पर आरोप है कि उन्होंने ऐसे ब्रांड्स का समर्थन किया जो BCCI के आधिकारिक स्पॉन्सर्स के प्रतिद्वंदी थे। पूर्व BCCI अध्यक्ष और BCCI मेंटर एन श्रीनिवासन खेमा गांगुली के खिलाफ था। गांगुली के कार्यकाल के दौरान भी श्रीनिवासन लगातार गांगुली के निर्णयों के मुखर तौर पर विरोध करते रहे। कहा जा रहा है कि श्रीनिवासन खेमे की नाराजगी गांगली के दूसरे कार्यकाल में सबसे बड़ा रोड़ा साबित हुई।
बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह
- फोटो : सोशल मीडिया
BCCI से विदाई के बाद सौरव का अगला कदम क्या होगा?
BCCI सूत्रों का कहना है कि सौरव दूसरा कार्यकाल चाहते थे। नामांकन के आखिरी दिन तक उन्हें दूसरा कार्यकाल मिलने की उम्मीद थी। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बैठक में उन्हें IPL का चेयरमैन बनाए जाने का ऑफर दिया गया। सौरव को यह डिमोशन मंजूर नहीं था। उन्होंने इसे ठुकरा दिया। कहा जा रहा है कि BCCI उन्हें ICC का चेयरमैन बनाने के लिए भी समर्थन नहीं करेगा। सौरव का अलग कदम क्या होगा यह उन्होंने अब तक साफ नहीं किया गया है। उनके अगले कदम को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही हैं। कोई उनके वापस IPL फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल से जुड़ने की बात कह रहा है तो कोई कोलकाता वापसी की बात कह रहा है।
BCCI सूत्रों का कहना है कि सौरव दूसरा कार्यकाल चाहते थे। नामांकन के आखिरी दिन तक उन्हें दूसरा कार्यकाल मिलने की उम्मीद थी। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बैठक में उन्हें IPL का चेयरमैन बनाए जाने का ऑफर दिया गया। सौरव को यह डिमोशन मंजूर नहीं था। उन्होंने इसे ठुकरा दिया। कहा जा रहा है कि BCCI उन्हें ICC का चेयरमैन बनाने के लिए भी समर्थन नहीं करेगा। सौरव का अलग कदम क्या होगा यह उन्होंने अब तक साफ नहीं किया गया है। उनके अगले कदम को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही हैं। कोई उनके वापस IPL फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल से जुड़ने की बात कह रहा है तो कोई कोलकाता वापसी की बात कह रहा है।