फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Expelled Congress leader Sanjay Nirupam set to join 'alma mater' Shiv Sena after 19 years

Maharashtra: 'कांग्रेस से निष्काषित संजय निरुपम की शिवसेना में जल्द होगी वापसी', सीएम शिंदे ने किया एलान

Wed, 01 May 2024 08:37 PM IST
कुमार विवेक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Wed, 01 May 2024 08:37 PM IST
सार

Maharashtra: कांग्रेस ने पिछले महीने निरुपम को 'अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी बयानों' के लिए छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। उससे कुछ दिनों पहले उन्होंने मुंबई उत्तर-पश्चिम सीट पर पार्टी को फैसला लेने के लिए 'एक सप्ताह का अल्टीमेटम' दिया था। वे इस सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे।

विज्ञापन
Expelled Congress leader Sanjay Nirupam set to join 'alma mater' Shiv Sena after 19 years
एकनाथ शिंदे और संजय निरुपम। - फोटो : Twitter: @sanjaynirupam

विस्तार

कांग्रेस से निष्काषित संजय निरुपम करीब दो दशक बाद फिर से अपनी पहली पार्टी शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। शिवसेना की अध्यक्ष फिलहाल एकनाथ शिंदे कर रहे हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के पदाधिकारियों के साथ एक बैठक के बाद इसका एलान किया है। इस बैठक में निरुपम भी मौजूद थे।

विज्ञापन


रुपम 2005 में कांग्रेस में शामिल हुए और उन्हें महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव नियुक्त किया गया। था उन्होंने 2009 के चुनावों में मुंबई उत्तर लोकसभा सीट जीती, उस समय उन्होंने भाजपा के दिग्गज नेता राम नाइक को एक करीबी मुकाबले में हराया। उन्होंने पिछले 19 वर्षों में कांग्रेस पार्टी में विभिन्न पदों पर कार्य किया और अनबन के बाद पार्टी से बाहर होने से पहले कांग्रेस की मुंबई शहर इकाई का नेतृत्व भी किया।
विज्ञापन

 
कांग्रेस ने पिछले महीने निरुपम को 'अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी बयानों' के लिए छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। उससे कुछ दिनों पहले उन्होंने मुंबई उत्तर-पश्चिम सीट पर पार्टी को फैसला लेने के लिए 'एक सप्ताह का अल्टीमेटम' दिया था। वे इस सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

सीएम एकनाथ शिंदे ने पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद दी जानकारी

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को शिवसेना के पदाधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद संवाददाताओं से कहा, 'संजय निरुपम जल्द ही शिवसेना में शामिल होंगे। बैठक के दौरान निरूपम भी मौजूद थे, जिसे शिंदे ने शिष्टाचार भेंट बताया। इस बीच, शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई में दो रैलियां करने की संभावना है। मुंबई में 20 मई को मतदान होना है।


शिंदे ने विश्वास जताया कि सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन मुंबई की सभी छह लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज करेगा। यह बैठक मुंबई दक्षिण, मुंबई उत्तर पश्चिम और मुंबई दक्षिण मध्य निर्वाचन क्षेत्रों के पदाधिकारियों के साथ हुई जहां शिवसेना के उम्मीदवार यामिनी जाधव, रवींद्र वायकर और राहुल शेवाले चुनाव मैदान में हैं। 

मुंबई उत्तर पश्चिम सीट कांग्रेस की ओर से शिवसेना यूबीटी को सौंपे जाने से थे नाराज

कहा जा रहा है कि निरुपम कांग्रेस के टिकट पर मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन एमवीए सहयोगियों के बीच सीट-बंटवारे के समझौते के तहत यह सीट शिवसेना (यूबीटी) की झोली में चली गई। मूल रूप से बिहार के रहने वाले निरुपम ने 1990 के दशक में पत्रकारिता के जरिए राजनीति में प्रवेश किया था। वह अविभाजित शिवसेना के हिंदी मुखपत्र 'दोपहर का सामना' के संपादक बने। उनके काम से प्रभावित होकर शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने उन्हें 1996 में राज्यसभा भेजा। निरुपम उस समय शिवसेना के फायरब्रांड चेहरे के रूप में उभरे। उस समय शिवसेना मुंबई के उत्तर भारतीय मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही थी। हालांकि, उन्हें तब झटका लगा जब 2005 में उन्हें राज्यसभा सदस्य का पद छोड़ने के लिए कहा गया।

बाद में मतभेद सामने आए, जिसके बाद 2005 में निरुपम के शिवसेना छोड़ दी और कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने 2009 में राम नाइक को हराकर कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में मुंबई उत्तर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीता। हालांकि, 2014 में, उन्हें उसी निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के गोपाल शेट्टी के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा। 



निरुपम ने 2017 के मुंबई नगर निकाय चुनावों में पार्टी की हार के बाद मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के बाद, निरुपम ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में वैचारिक रूप से असंगत कांग्रेस और शिवसेना (अविभाजित) के त्रिपक्षीय महा विकास अघाड़ी के गठन का विरोध किया था। धीरे-धीरे कांग्रेस नेतृत्व से उनकी असहमति बढ़ती गई, परिणामस्वरूप पिछले महीने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed