फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Expanding the USO scope to solve the petrol-diesel problem Government took this step after the sudden increase in demand

Petrol-Diesel Shortage: पेट्रोल-डीजल समस्या के समाधान के लिए यूएसओ दायरे का विस्तार, अचानक मांग में वृद्धि के बाद सरकार ने उठाया यह कदम

Sun, 19 Jun 2022 06:49 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Sun, 19 Jun 2022 06:49 AM IST
विज्ञापन
Expanding the USO scope to solve the petrol-diesel problem Government took this step after the sudden increase in demand
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

केंद्र सरकार ने निजी खुदरा पेट्रोल-डीजल विक्रेताओं पर अंकुश के लिए यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन (यूएसओ) के दायरे का विस्तार किया है। इसके अंतर्गत लाइसेंस प्राप्त इकाइयों को दूरदराज के क्षेत्रों सहित सभी पेट्रोल पंपों पर निर्बाध पेट्रोल और डीजल की बिक्री बनाए रखना अनिवार्य होता है।

विज्ञापन


यूपी-राजस्थान, दिल्ली, गुजरात व हरियाणा सहित कई राज्यों के कई इलाकों में पीएसयू कंपनियों द्वारा संचालित तमाम पेट्रोल पंपों के अचानक मांग में वृद्धि के बाद आपूर्ति में कमी सामने आने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। इससे किसानों और डीलरों के सामने मुश्किलें बढ़नी शुरू हो गई थीं। ‘अमर उजाला’ ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था।
विज्ञापन


केंद्र सरकार ने ईंधन खुदरा कारोबार में निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आठ नवंबर 2019 को एक आदेश के जरिए परिवहन ईंधन की बिक्री के लिए अधिकार प्रदान करने के मानदंडों में ढील दी थी। इसमें प्रावधान किया गया था, कि ये संस्थाएं दूर-दराज के क्षेत्रों में रिटेल आउटलेट (आरओ) स्थापित करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार ने अब सभी आरओ को इस दायरे में शामिल कर इस समस्या के समाधान की पहल की है। मानदंडों को पूरा करने में विफलता लाइसेंस रद्द करने का कारण बन सकती है।

क्या है अहमियत ?
दूर-दराज क्षेत्रों के रिटेल आउटलेट (आरओ) के लिए अधिकृत संस्थाओं को सार्वभौमिक सेवा दायित्व (यूएसओ) के रूप में उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करना होता है। इसके अंतर्गत समय-समय पर केंद्र द्वारा निर्दिष्ट पेट्रोल-डीजल की न्यूनतम इन्वेंट्री स्तर को बनाए रखना, किसी भी व्यक्ति को उचित समय अवधि के भीतर और गैर-भेदभावपूर्ण आधार पर मांग पर सेवाएं उपलब्ध कराना और उचित मूल्यों पर ग्राहकों को ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी यूएसओ का हिस्सा है। ये यूएसओ, पहले दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित पेट्रोल पंपों पर लागू नहीं होते थे।


डिमांड बढ़ने का तर्क
एचपीसीएल ने 15 जून को एक ट्वीट में कहा था, राजस्थान में उसके पंपों ने पेट्रोल की बिक्री में लगभग 41 प्रतिशत और डीजल में 32 प्रतिशत की वृद्धि देखी है, जबकि निजी कंपनियों की बिक्री में क्रमश: 10.5 प्रतिशत और 30 प्रतिशत की गिरावट आई है। मध्य प्रदेश में पेट्रोल की बिक्री 40.6 प्रतिशत और डीजल की बिक्री 46.1 प्रतिशत बढ़ी, जबकि निजी  विक्रेताओं में 4.3 प्रतिशत और 29.5 प्रतिशत की गिरावट आई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed