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Exclusive: इन तीन चेहरों पर आतंकी पन्नू ने लगाया बड़ा दांव! खुफिया एजेंसियों के हाथ लगी यह बड़ी कामयाबी

Sat, 02 Dec 2023 06:21 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Sat, 02 Dec 2023 06:21 PM IST
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सार
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक जिन तीन लोगों को पन्नू के सबसे भरोसेमंद के तौर पर पहचान की गई है, ये तीनों अमेरिका के साथ-साथ कनाडा में चलाए जा रहे जनमत संग्रह अभियान में प्रमुखता से भागीदारी करते आए हैं। सूत्रों का कहना है कि तीनों बीते कुछ समय से पन्नू के साथ आतंकी गतिविधियों में न सिर्फ शामिल हैं, बल्कि उसके प्रोपेगेंडा को फैलाने के लिए सोशल मीडिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल भी यही लोग करते हैं...
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Exclusive: Khalistani Terrorist gurpatwant singh Pannu placed a big bet on these three faces
Khalistan: Gurpatwant singh pannun - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht

विस्तार

अमेरिका के अलग-अलग शहरों में भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले कुछ चेहरों की पहचान भारतीय खुफिया एजेंसियों ने की है। यह वह चेहरे हैं जिन पर सिख फॉर जस्टिस के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू न सिर्फ आंख मूंद कर भरोसा करता है। बल्कि खालिस्तान के लिए जनमत संग्रह कराने के लिए लिए इन चेहरों पर बड़ा दांव लगाया है। यही नहीं केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने पन्नू के उन सभी भरोसेमंद लोगों की पहचान कर उनका भारतीय कनेक्शन खंगालने में जुट गई है। दरअसल आतंकी पन्नू ने कैलिफोर्निया के शहरों में 26 जनवरी से लेकर 28 जनवरी तक नगर कीर्तन के माध्यम से जनमत संग्रह के नाम पर माहौल बनाने की योजना बनाई है। फिलहाल भारत के खिलाफ माहौल बनाने वाले इन तीनों चेहरों की जानकारी खुफिया एजेंसियों की ओर से केंद्र सरकार को साझा की गई है।

केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक वैसे तो अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कनाडा और यूके के अलग-अलग शहरों में सिख फॉर जस्टिस से जुड़े खालिस्तान चरमपंथी लगातार भारत के विरोध में साजिशें करते रहते हैं। लेकिन इस बार जिस तरह से 26 जनवरी और 28 जनवरी को अमेरिका के कैलिफोर्निया में जनमत संग्रह कराने के लिए सिख फॉर जस्टिस ने अपने भरोसेमदों की टीम तैयार की है, उसकी पूरी जानकारी भारतीय खुफिया एजेंसी को लग गई है। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह से भारत के खिलाफ माहौल बनाने वाले लोगों की पहचान की। इसमें तीन प्रमुख चेहरे खासतौर पर सामने आए हैं, जो अलग-अलग सोशल मीडिया हैंडल से अलग-अलग जगहों पर न सिर्फ जनमत संग्रह के लिए प्रोपेगेंडा चला रहे हैं, बल्कि भारत के खिलाफ माहौल बना रहे हैं।

केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक जिन तीन लोगों को पन्नू के सबसे भरोसेमंद के तौर पर पहचान की गई है, ये तीनों अमेरिका के साथ-साथ कनाडा में चलाए जा रहे जनमत संग्रह अभियान में प्रमुखता से भागीदारी करते आए हैं। सूत्रों का कहना है कि तीनों बीते कुछ समय से पन्नू के साथ आतंकी गतिविधियों में न सिर्फ शामिल हैं, बल्कि उसके प्रोपेगेंडा को फैलाने के लिए सोशल मीडिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल भी यही लोग करते हैं। केंद्रीय खुफिया एजेंसी को मिली जानकारी के मुताबिक जिन तीन प्रमुख लोगों को अमेरिका में खालिस्तान जनमत संग्रह करने के लिए पन्नू ने चुना है, उनका सीधा नाता कैलिफोर्निया के यूबासिटी से है। अब पड़ताल इस बात की जा रही है कि बीते कुछ समय में इन लोगों का भारत कितनी बार आना-जाना हुआ है। इस दौरान इनका यहां पर किन लोगों से मिलना-जुलना हुआ, यह भी पड़ताल का हिस्सा है।

केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जिन तीन प्रमुख लोगों की पहचान पन्नू के करीबी के तौर पर की गई है, वह लोग कनाडा के गुरुद्वारे में पंजाब के युवाओं को अवैध तरीकों से लाने वालों की सूची में भी शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि पन्नू ने एक विशेष अभियान के तहत पंजाब के युवाओं को कनाडा में अवैध तरीके से बुलाने और फिर उन्हें गुरुद्वारे में काम देने के लिए बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा भी शुरू किया है। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से जुड़े जानकारों का मानना है कि अमेरिका में सोशल मीडिया के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों तक खालिस्तान जनमत संग्रह का प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए 402 सोशल मीडिया अकाउंट का सहारा लिया है। सुरक्षा मामलों से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि जिन लोगों की इसमें संलिप्त पाई जा रही है, उनकी पूरी हिस्ट्री खंगालनी शुरू कर दी गई है।

इसके लिए बाकायदा "ट्रिपल लेयर आइडेंटिफिकेशन" के माध्यम से पड़ताल की जा रही है। इसमें सबसे पहले पन्नू के करीबी इन तीनों लोगों का अमेरिका, कनाडा और पंजाब में कनेक्शन खंगाला जा रहा है। उसके बाद इन लोगों की ट्रैवल हिस्ट्री निकाली जा रही है। केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इन लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट को सबसे ज्यादा रीट्वीट किए जाने वालों की पूरी चेन भी उनके हाथ लगी है। अब ऐसे लोगों का भी पूरा कच्चा चिट्ठा तैयार किया जा रहा है। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्र बताते हैं कि वैसे तो खालिस्तान के जनमत संग्रह के नाम पर माहौल बिगाड़ने के लिए फर्जी अकाउंट ही तैयार किए गए हैं। एजेंसियों ने इन तीन चेहरों के अलावा कई और चेहरों की भी पहचान कर ली गई है। यह लोग बाकायदा हैशटैग अभियान के साथ साजिशों को आगे बढ़ाने की कोशिश में लगे हैं।

एजेंसियों को मिली जानकारी के आधार पर पता चला है कि आतंकी पन्नू ने जनमत संग्रह करने से पहले कैलिफोर्निया के कुछ शहरों में नगर कीर्तन निकालने का कार्यक्रम रखा है। सूत्रों के मुताबिक कैलिफोर्निया के सैनफ्रांसिस्को और यूबा सिटी में पन्नू 26 और 28 जनवरी को जनमत संग्रह करने की पूरी तैयारी कर चुका है। 26 जनवरी को कैलिफोर्निया की राजधानी सेक्रोमैंटो समेत सैन फ्रांसिस्को उसके बाद 28 जनवरी को कैलिफोर्निया के यूबासिटी के गुरुद्वारे में नगर कीर्तन के बाद जनमत संग्रह करने के लिए सिख संगत को बुलाने का अभियान चलाना शुरू कर दिया है। इसके लिए बाकायदा अमेरिका के अलग-अलग शहरों से लोगों को कैलिफोर्निया में जुटने के लिए भी कहा गया है। केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आतंकी पन्नू ने अमेरिका से कनाडा की तर्ज पर जनमत संग्रह कराने के लिए बड़े अभियान की शुरुआत और शहरों का चयन अगस्त महीने से ही शुरू कर दिया था।

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