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Exclusive: सेना के जवानों को 1.86 लाख स्टील बुलेट प्रूफ जैकेट मिलने का रास्ता साफ

Mon, 22 Jan 2018 10:14 PM IST
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 22 Jan 2018 10:14 PM IST
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Exclusive: Indian Army soldiers soon to get 1.86 lakh steel bullet proof jackets
Indian Army (Representative image)

सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने इंफैट्री के जवानों को भरोसा दिया है कि जल्द ही उन्हें स्टील बुलेट रोकने वाली बुलेट प्रूफ जैकेट मिलेगी। रक्षा मंत्रालय और सेना मुख्यालय ने अपने इस प्रयास को तेजी से आगे बढ़ाया है। अमर उजाला को मिली जानकारी के अनुसार सेना मुख्यालय ने 1.86 लाख बुलेट प्रूफ की निविदा खोल दी है। एसएम पल्प इसमें एल 1 रही और 29 हजार रुपये की न्यूनतम बिडिंग प्राइस के साथ दौड़ में बाजी मार ली है। इस तरह से कंपनी करीब 31 हजार रुपये में इस गुणवत्ता की प्रति जैकेट की आपूर्ति करेगी। बुलेट प्रूफ जैकेट आपूर्ति की प्रतिस्पर्धा में एमकेयू 48 हजार रुपये की न्यूनतम बिडिंग के साथ एल 2 रही।

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क्या है स्टील बुलेट
पाकिस्तान से घुसपैठ करने वाले आतंकवादी स्टील बुलेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे पहले स्टील बुलेट का प्रयोग प्रचलन में नहीं था। यह हाल के साल में काफी बढ़ा है। इसलिए सेना को जो बुलट प्रूफ जैकेट मिलती रही उसके मानक में स्टील बुलट रोक पाने जैसी कोई अनिवार्यता नहीं थी। इससे आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान सेना के जवानों की लगातार शहादत बढ़ रही है।
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इसी को केन्द्र में रखकर सेना ने इस बार बुलेट प्रूफ की जरुरत के केन्द्र में स्टील बुलेट प्रूफ जैकेट को रखा था। इस जैकेट के मानक में प्रावधान है कि सामने की तरफ से 1000 वर्ग सेमी के क्षेत्रफल में आने वाली स्टील बुलेट बेअसर होगी। प्रावधान में यह भी है कि निविदा की होड़ में अव्वल आने वाली कंपनी अगले 36 महीने में 1.86 लाख बुलेट प्रूफ की आपूर्ति कर देगी। तीन महीने के भीतर कंपनी को सेना को 10 हजार बुलेट प्रूफ जैकेट की पहली खेप देनी होगी।

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लेकिन गले के आस-पास की बुलेट का क्या होगा?

Exclusive: Indian Army soldiers soon to get 1.86 lakh steel bullet proof jackets
ARMY

एक सवाल अब भी मौजूद है? जो मुठभेड़ के दौरान आतंकियों की जो बुलेट सेना के जवानों के गले के हिस्से के आस-पास या अगल-बगल अथवा पीछे के हिस्से में आएगी, उसका क्या होगा? ऐसे सवाल पर सेना मुख्यालय के सूत्र भी अभी कोई जवाब नहीं दे पा रहा हैं। इस बारे में उनका कहना है कि यह मानक मौजूदा निविदा की शर्तों में था ही नहीं।

सेना मुख्यालय सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान से लगती हुई सीमा पर लगातार आतंकी घुसपैठ के प्रयास में हैं। उन्हें घुसपैठ में मदद देने के लिए पाकिस्तान के सुरक्षा बल लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहे हैं। इसे देखते हुए नए गुणवत्ता की बुलेट प्रूफ जैकेट की अपरिहार्य आवश्यकता है। 

मेक इन इंडिया होगी जैकेट
सेना मुख्यालय सूत्रों के अनुसार 1.86 लाख बुलेट प्रूफ जैकेट पूरी तरह से मेक इन इंडिया होगी। इस बुलेट प्रूफ जैकेट में चीन से आयातित सामानों का इस्तेमाल नहीं होगा। एस1 बिड जीतने वाली कंपनी के प्रमोटर आशीष कंसल का कहना है कि उनकी कंपनी देश की पहली ऐसी कंपनी है जो अपने सिरामिक समेत अन्य कच्चा माल खुद बनाती है। वह दुनिया के देशों में इसकी आपूर्ति भी करती है। आशीष ने कहा कि वह सेना की जरूरतों को विशेष वरीयता पर रखकर चल रहे हैं और सेना से आर्डर मिलने के बाद निर्धारित समय में उनकी कंपनी गुणवत्ता की बुलेट प्रूफ जैकेट की आपूर्ति कर देगी।

क्या होगा आगे
बुलेट प्रूफ जैकेट की प्राइसिंग बिड खुलने के बाद अब अर्नेस्ट मनी जमा होने तथा परफामेंस बांड आदि की औपचारिकता भर रह जाएगी। इसमें अगले एक महीने का समय लगने की संभावना है। माना यह जा रहा है कि रक्षा राज्य मंत्री द्वारा संसद में दी जानकारी के मुताबिक जून 2018 के महीने से सेना को स्टील बुलेट रोकने वाली जैकेटों की आपूर्ति आरंभ हो जाएगी।

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