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पदोन्नति की मांग: केंद्रीय सुरक्षा बलों में ‘बावर्ची और धोबी’ के कंधों पर कब लगेंगे स्टार, सरकार से मिले 'अंग्रेजी नाम'
Fri, 02 Apr 2021 04:59 PM IST
Harendra Chaudhary
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Fri, 02 Apr 2021 04:59 PM IST
सार
कुछ समय पहले ही इन पदों पर काम करने वालों को सिपाही का दर्जा मिला है। इनका पदनाम बदलकर 'शेफ', हेयर स्टाइलिस्ट व लॉन्ड्री मैन कर दिया गया है। कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री मोदी को भेजे पत्र में गुहार लगाई है कि इन कर्मियों को हवलदार और सब-इंस्पेक्टर की पदोन्नति दी जाए...
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सीआरपीएफ के जवान
- फोटो : अमर उजाला (फाइल)
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विस्तार
केंद्रीय सुरक्षा बलों में परमोशन को लेकर अभी तक जो खबरें आती रही हैं, उनका संबंध अफसर या सामान्य ड्यूटी वाले सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक ही रहता है। सीआरपीएफ, बीएसएफ और आईटीबीपी सहित दूसरे बलों में सबसे निचले पायदान पर सेवा देने वाले कर्मियों, जिनमें रोटी पकाने और कपड़े धोने वाले शामिल हैं, इनकी पदोन्नति को लेकर कोई बात नहीं होती थी। कहीं से कोई मांग भी नहीं आती।
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वजह, ये कर्मी 'सेवा' में निचले पायदान पर काम करते हैं। कुछ समय पहले ही इन पदों पर काम करने वालों को सिपाही का दर्जा मिला है। इनका पदनाम बदलकर 'शेफ', हेयर स्टाइलिस्ट व लॉन्ड्री मैन कर दिया गया है। कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे पत्र में गुहार लगाई है कि इन कर्मियों को हवलदार और सब-इंस्पेक्टर की पदोन्नति दी जाए।
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बता दें कि अधिकांश बलों में इन पदों पर काम करने वाले कर्मियों का पदनाम सेवा के दौरान बदलता नहीं था। वे जिस पद पर भर्ती होते थे, उसी से रिटायर हो जाते थे। पिछले दिनों केंद्र सरकार ने अच्छी पहल करते हुए इन कर्मियों का पदनाम बदल कर इन्हें सिपाही का दर्जा दे दिया। कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह बताते हैं, हमारे संगठन ने एक अप्रैल 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा है।
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इस पत्र में लिखा है कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, जिनमें सीआरपीएफ, बीएसएफ व आईटीबीपी जैसे बल शामिल हैं, वहां सबसे निचले पायदान पर कार्यरत ट्रेडमैन/फालोवर्स रैंक नाई, धोबी, कुक व जलवाहक आदि कमेरे वर्ग को भी प्रमोशन देने के लिए इनका कैडर रिव्यू किया जाए। सरकार ने इन सभी कर्मियों को अब कांस्टेबल बना दिया है। हाल ही में इन्हें कुछ नए नामकरणों के साथ सुशोभित किया गया है जैसे, रसोइए को शेफ, नाई को हेयर स्टाइलिस्ट और धोबी को अब लॉन्ड्री मैन कहा जाएगा।
एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री मोदी के अलावा केंद्रीय ग्रह मंत्री अमित शाह व सुरक्षा बलों के महानिदेशकों को भी उक्त पत्र भेजा है। सशस्त्र सीमा बल और सीआईएसएफ में कार्यरत उपरोक्त ट्रेडमैन (कमेरे वर्ग) के लिए हवलदार के पद सृजित किए गए हैं। उन्हें पदोन्नति दी जा रही है। इन बलों में इस तरह की प्रमोशन प्रणाली की शुरुआत आजादी के बाद पहली बार देखने को मिली है।
इससे पहले ये कर्मी 40 साल की सेवा के बाद उसी पद से रिटायर होकर चले जाते थे। समय की मांग है कि सबसे निचले स्तर के पदों पर कार्यरत कर्मियों को भी पदोन्नति के अवसर मिलें। इससे कर्मियों की कार्यक्षमता और मनोबल में इजाफा होगा। रणबीर सिंह ने कहा, क्या उन्हें यह हक नहीं है कि वे भी हवलदार व एसआई बनें। क्या हेयर स्टाइलिस्ट, लॉन्ड्री मैन या शेफ का नया नाम देने मात्र से ही निचले स्तर पर कार्यरत ट्रेडमैन की कायापलट हो जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी का सपना है कि विकास का फायदा निचले पायदान पर कार्यरत कर्मचारियों को भी मिलें। उम्मीद है कि बाकी सुरक्षा बलों के महानिदेशक, निचले स्तर के कर्मियों को हवलदार एवं एसआई का प्रमोशन देने के लिए जरूरी आदेश जारी करेंगे।