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Supreme Court: मुश्किल में YSRCP सांसद, पूर्व मंत्री की हत्या मामले में हाईकोर्ट के फैसले पर 'सुप्रीम' रोक

Mon, 24 Apr 2023 07:02 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Mon, 24 Apr 2023 07:02 PM IST
सार

तेलंगाना हाईकोर्ट ने कहा था कि 19 से 25 अप्रैल के बीच अविनाश रेड्डी सीबीआई ऑफिस पेश हों और सवाल-जवाब लिखित रूप से करें और एक प्रश्नावली भी सौंपी जाए। इसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हत्या के आरोप में ऐसी जांच निष्प्रभावी होती है।

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Ex Minister Death case Supreme Court cancels Telangana High Court order calling it unfair
सुप्रीम कोर्ट। - फोटो : ANI

विस्तार

तेलंगाना हाई कोर्ट के एक आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने अनुचित करार देते हुए रद्द कर दिया। आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री विवेकानंद रेड्डी की हत्या की जांच कर रही सीबीआई को निर्देश दिए थे। कोर्ट ने एजेंसी से कहा था कि लोकसभा सांसद अविनाश रेड्डी को अग्रिम एक लिखित प्रश्नावली उपलब्ध कराने के लिए आदेश दिए थे। चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने हाईकोर्ट के फैसले को रद्द किया है। बता दें, अविनाश, पूर्व मंत्री विवेकानंद रेड्डी के भतीजे और सीएम जगनमोहन रेड्डी के चचेरे भाई हैं।

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सीबीआई ने दिखाया संयम
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हाई कोर्ट से कहा कि आप सासंद अविनाश रेड्डी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर सकते हैं। हालांकि कोर्ट ने अविनाश रेड्डी के अधिवक्ता रंजीत कुमार की दलीलों को भी खारिज कर दिया। रंजीत कुमार ने कहा था कि 25 अप्रैल को अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई होनी है, इसलिए उन्हें कम से कम 24 घंटे के लिए गिरफ्तारी से बचाया जाए। इसपर पीठ ने कहा कि आप थोड़ी देर पहले याचिका ही वापस लेना चाहते थे। उन्होंने कहा कि अगर सीबीआई को गिरफ्तार करना ही होता तो वह पहले ही गिरफ्तार कर चुके होते, उन्होंने संयम दिखाया है।

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लिखित जांच प्रभावित कर सकती है
तेलंगाना हाईकोर्ट ने कहा था कि 19 से 25 अप्रैल के बीच अविनाश रेड्डी सीबीआई ऑफिस पेश हों और सवाल-जवाब लिखित रूप से करें और एक प्रश्नावली भी सौंपी जाए। इसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हत्या के आरोप में ऐसी जांच निष्प्रभावी होती है। हाईकोर्ट संदिग्ध जांच लिखित रूप में करने का आदेश नहीं दे सकती। अविनाश को प्रश्नावली देना जांच प्रभावित कर सकती है, वह भी तब जब सीबीआई कई आरोपियों का पता लगा रही है। हाईकोर्ट का आदेश अनुचित था।

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बेटी ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई थी याचिका
सुप्रीम कोर्ट सोमवार को पूर्व मंत्री विवेकानंद रेड्डी की बेटी सुनीता रेड्डी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सुनीता के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि आरोपी राजनीतिक संरक्षण का लाभ उठा रहा था, इसलिए केस आंध्र प्रदेश से तेलंगाना हाईकोर्ट में शिफ्ट कर दिया था।

2020 में सीबीआई को सौंपा मामला
आंध्र प्रदेश के दिवंगत मुख्यमंत्री वाई एस राजशेखर रेड्डी के भाई विवेकानंद की हत्या 2019 विधानसभा चुनाव से पहले 15 मार्च की रात को कडप्पा जिले के पुलिवेंदुला स्थित उनके आवास पर हत्या हुई थी। मामले की जांच एक एसआईटी द्वारा की जा रही थी लेकिन, जुलाई 2020 में मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था।

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