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खालिस्तान कमांडो फोर्स के पूर्व अध्यक्ष ने काली सूची से हटाने के सरकार के फैसले की प्रशंसा की
Sat, 14 Sep 2019 12:56 PM IST
शिल्पा ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिल्पा ठाकुर
Updated Sat, 14 Sep 2019 12:56 PM IST
सार
- भारत-विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे 312 विदेशी सिखों के नाम काली सूची से हटे।
- सरकार के इस फैसले की खालिस्तान कमांडो फोर्स के पूर्व अध्यक्ष ने प्रशंसा की है।
- वसन सिंग जफरवाल पूर्व खालिस्तानी विचारक हैं।
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वसन सिंग जफरवाल
- फोटो : ANI
विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भारत-विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे 312 विदेशी सिखों के नाम काली सूची से हटा दिए हैं। इस सूची में अब सिर्फ दो नाम बचे हैं। सरकार के इस फैसले की खालिस्तान कमांडो फोर्स के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व खालिस्तानी विचारक वसन सिंग जफरवाल ने प्रशंसा की है।
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उन्होंने कहा है, "मैं सरकार के इस फैसले की सराहना करता हूं, अब वो लोग जिनका नाम हटाया गया है, वह पंजाब आ सकेंगे और गुरु नानक देव जी की 550वीं सालगिराह के जश्न में शामिल हो पाएंगे।"
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Wassan Singh Jaffarwal, ex Khalistan Ideologue and ex chief of Khalistan Commando Force: I appreciate Centre 's decision,now ppl whose name has been removed from adverse list will be able to come back to Punjab and take part in 550th anniversary celebrations of Guru Nanak Dev ji https://t.co/X67Hx1LyCJ pic.twitter.com/PB6G0IItHe
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 14, 2019
बता दें विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने काली सूची में दर्ज विदेशी सिख नागरिकों के नामों की समीक्षा की और उसके बाद यह फैसला लिया गया। अधिकारी ने बताया कि भारत सरकार ने काली सूची में सिख समुदाय से ताल्लुक रखने वाले 314 विदेशी नागरिकों के नामों की समीक्षा की और अब इस सूची में सिर्फ दो नाम हैं।
इस काली सूची से जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, वह अब भारत में अपने परिवारों से मिलने आ सकते हैं और अपनी जमीन से दोबारा जुड़ सकते हैं। भारत सरकार ने सभी भारतीय मिशनों (दूतावासों) को सलाह दी है कि वे उन लोगों और उनके परिवारों को उचित वीजा जारी करें जिनका नाम केंद्र की काली सूची (ब्लैक लिस्ट) में शामिल नहीं है।