Gang rape Case: अंडमान के पूर्व मुख्य सचिव SIT के समक्ष पेश, सामूहिक दुष्कर्म केस में आठ घंटे हुई पूछताछ
प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए हुए थे। उन पर लिखा था, 'महिला के साथ घृणित कृत्य किया गया, हमें उसके लिए न्याय चाहिए'। 'जितेंद्र नारायण रेपिस्ट है'। एसआईटी 21 वर्षीय एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म आरोप की जांच कर रही है।
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सामूहिक दुष्कर्म के मामले में घिरे अंडमान निकोबार के पूर्व मुख्य सचिव जितेंद्र नारायण आज विशेष जांच दल के समक्ष पेश हुए। प्रदर्शनकारियों से बचाने के लिए उन्हें पोर्टब्लेयर स्थित पुलिस लाइंस में पिछले दरवाजे से ले जाया गया। बताया गया है कि एसआईटी ने उनसे शुक्रवार को लगभग आठ घंटे पूछताछ की।
क्या है मामला?
एक 21 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया है कि उसे तत्कालीन मुख्य सचिव नारायण के घर सरकारी नौकरी का लालच देकर बुलाया गया। इसके बाद नारायण के साथ कई शीर्ष अधिकारियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इन्हीं आरोपों की जांच के लिए एक एसआईटी गठित की गई है। मामले में दर्ज प्राथमिकी में श्रम आयुक्त आर. एल. ऋषि को भी महिला से दुष्कर्म करने का आरोपी बनाया गया है, जबकि पुलिस निरीक्षक और होटल मालिक को अपराध में साथ देने का आरोपी बनाया गया है।
अधिकारी ने बताया कि एसआईटी ने शुक्रवार को पुलिस निरीक्षक से भी पूछताछ की। उन्होंने बताया कि नारायण को पूछताछ के लिए सुबह पुलिस लाइन लाया गया था और आठ घंटे से अधिक समय तक उनसे पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद मुख्य सचिव पिछले दरवाजे से ही बाहर गये। सूत्रों के अनुसार, एक प्राइवेट रिसॉर्ट में यहां ठहरे नारायण से शनिवार को फिर से पूछताछ किये जाने की संभावना है।
नारायण के घर पर हो चुकी है छापेमारी
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और दिल्ली के पुलिस अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने 18 अक्तूबर को नारायण के घर छापा मारा था। इसके बाद उन्होंने ट्रांजिट अग्रिम जमानत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में आवेदन दायर किया था। दिल्ली हाईकोर्ट की एकल पीठ ने नारायण को 28 अक्तूबर यानी आज तक गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी थी। इसके बाद उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट की शरण ली थी। इस हाईकोर्ट ने नारायण को 14 नवंबर तक गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की है।
अंडमान के पूर्व मुख्य सचिव का तबादला 21 जुलाई को दिल्ली कर दिया गया था। उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट से कहा था कि वे जांच में सहयोग करेंगे। इसके बाद हाईकोर्ट ने एसआईटी को उनसे पूछताछ करने और मेडिकल परीक्षण व पूछताछ की इजाजत दे दी थी। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार आज एसआईटी ने उन्हें तलब किया है।