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Congress: 'हर भारतीय ने चीन पर सरकार से जवाब मांगा', सुप्रीम कोर्ट की राहुल गांधी को फटकार पर कांग्रेस की सफाई
Mon, 04 Aug 2025 03:14 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Mon, 04 Aug 2025 03:14 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से कहा कि अगर आप सच्चे भारतीय हैं तो आप ऐसी बातें नहीं कहेंगे। कोर्ट ने राहुल गांधी से पूछा कि उन्हें कैसे पता चला कि 2000 वर्ग किलोमीटर भूमि पर चीन ने कब्जा कर लिया है? इस पर कांग्रेस ने सफाई दी है।
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जयराम रमेश, नेता, कांग्रेस
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारतीय सेना और चीनी कब्जे वाले बयान पर राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से फटकार लगने के बाद कांग्रेस ने सफाई दी है। कांग्रेस ने कहा कि 2020 की गलवां घटना के बाद से हर देशभक्त भारतीय सरकार से चीन पर जवाब मांग रहा है। लेकिन मोदी सरकार ने अपनी डीडीएलजे - इनकार, ध्यान भटकाना, झूठ बोलना और उचित ठहराना नीति के साथ सच्चाई को धुंधलाने और छिपाने का विकल्प चुना है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार 1962 के बाद से भारत को मिले सबसे बड़े क्षेत्रीय झटके के लिए जिम्मेदार है। कांग्रेस ने सरकार पर अपनी कायरता और गलत आर्थिक प्राथमिकताओं के कारण शत्रुतापूर्ण चीन के साथ सामान्यीकरण करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि 15 जून 2020 को गलवां में 20 बहादुर सैनिकों के शहीद होने के बाद से हर देशभक्त भारतीय जवाब मांग रहा है। फिर भी जवाब देने के बजाय मोदी सरकार ने पिछले पांच वर्षों में डीडीएलजे - इनकार, ध्यान भटकाना, झूठ बोलना और उचित ठहराना की नीति के साथ सच्चाई को धुंधलाने और छिपाने का विकल्प चुना है।
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एक्स पर एक पोस्ट में जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 19 जून 2020 को हमारे सैनिकों द्वारा गलवां में देश के लिए वीरतापूर्वक अपने प्राणों की आहुति देने के केवल चार दिन बाद 'न कोई हमारी सीमा में घुस आया है, न ही कोई घुसा हुआ है' कहकर चीन को क्लीन चिट क्यों दे दी? उन्होंने कहा कि सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि 'हम अप्रैल 2020 की यथास्थिति पर वापस जाना चाहते हैं।' क्या 21 अक्तूबर 2024 का वापसी समझौता हमें यथास्थिति पर वापस ले जाता है?
जयराम रमेश ने कहा कि क्या भारतीय गश्ती दल को देपसांग, डेमचोक और चुमार में गश्ती बिंदुओं तक पहुंचने के लिए चीन की सहमति लेने की आवश्यकता नहीं है। जबकि पहले वे भारत के क्षेत्रीय अधिकारों का स्वतंत्र रूप से प्रयोग करने में सक्षम थे। उन्होंने पूछा कि क्या भारतीय गश्ती दल को गलवां, हॉट स्प्रिंग और पैंगोंगत्सो में अपने गश्ती बिंदुओं तक पहुंचने से बफर जोन द्वारा नहीं रोका जा रहा है, जो मुख्य रूप से भारतीय दावा रेखा के भीतर हैं।
उन्होंने कहा कि क्या 2020 में यह व्यापक रूप से रिपोर्ट नहीं किया गया था कि पूर्वी लद्दाख का एक हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र चीनी नियंत्रण में आ गया है। इसमें देपसांग का 900 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र भी शामिल है? क्या लेह के एसपी ने वार्षिक पुलिस महानिदेशक सम्मेलन में एक पेपर प्रस्तुत नहीं किया था जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत ने पूर्वी लद्दाख में 65 गश्ती बिंदुओं में से 26 तक पहुंच खो दी है?
जयराम रमेश ने पूछा कि क्या यह सच नहीं है कि चीन से आयात तेजी से बढ़ रहा है। विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक बैटरी और सौर सेल का आयात बढ़ा है और दूरसंचार, फार्मास्यूटिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र चीनी आयात पर निर्भर हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह सच नहीं है कि चीन के साथ व्यापार घाटा 2024-25 में रिकॉर्ड 99.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया है?
उन्होंने कहा कि क्या यह सच नहीं है कि मोदी सरकार एक ऐसे देश के साथ सामान्यीकरण की कोशिश कर रही है जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के सैन्य अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जे-10सी लड़ाकू विमान और पीएल-15 हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल जैसी हथियार प्रणालियों की आपूर्ति की थी और भारतीय सैन्य अभियानों में लाइव इनपुट प्रदान किया था, जैसा कि चार जुलाई 2025 को उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह ने कहा था?
रमेश ने कहा कि सच्चाई यह है कि मोदी सरकार 1962 के बाद से भारत को मिले सबसे बड़े क्षेत्रीय झटके के लिए जिम्मेदार है और वह अपनी कायरता और गलत आर्थिक प्राथमिकताओं के कारण शत्रुतापूर्ण चीन के साथ सामान्यीकरण की कोशिश कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी से क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से कहा कि अगर आप सच्चे भारतीय हैं तो आप ऐसी बातें नहीं कहेंगे। कोर्ट ने राहुल गांधी से पूछा कि उन्हें कैसे पता चला कि 2000 वर्ग किलोमीटर भूमि पर चीन ने कब्जा कर लिया है? क्या आप वहां थे? क्या आपके पास कोई विश्वसनीय सामग्री है?
सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को ऐसे बयान देने से बचने की नसीहत देते हुए कहा, 'आप विपक्ष के नेता हैं, संसद में अपनी बात कहें, सोशल मीडिया पर नहीं। बता दें कि सेना पर टिप्पणी करने के इस मामले में समन के खिलाफ राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार 1962 के बाद से भारत को मिले सबसे बड़े क्षेत्रीय झटके के लिए जिम्मेदार है। कांग्रेस ने सरकार पर अपनी कायरता और गलत आर्थिक प्राथमिकताओं के कारण शत्रुतापूर्ण चीन के साथ सामान्यीकरण करने का आरोप लगाया।
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कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि 15 जून 2020 को गलवां में 20 बहादुर सैनिकों के शहीद होने के बाद से हर देशभक्त भारतीय जवाब मांग रहा है। फिर भी जवाब देने के बजाय मोदी सरकार ने पिछले पांच वर्षों में डीडीएलजे - इनकार, ध्यान भटकाना, झूठ बोलना और उचित ठहराना की नीति के साथ सच्चाई को धुंधलाने और छिपाने का विकल्प चुना है।
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एक्स पर एक पोस्ट में जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 19 जून 2020 को हमारे सैनिकों द्वारा गलवां में देश के लिए वीरतापूर्वक अपने प्राणों की आहुति देने के केवल चार दिन बाद 'न कोई हमारी सीमा में घुस आया है, न ही कोई घुसा हुआ है' कहकर चीन को क्लीन चिट क्यों दे दी? उन्होंने कहा कि सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि 'हम अप्रैल 2020 की यथास्थिति पर वापस जाना चाहते हैं।' क्या 21 अक्तूबर 2024 का वापसी समझौता हमें यथास्थिति पर वापस ले जाता है?
जयराम रमेश ने कहा कि क्या भारतीय गश्ती दल को देपसांग, डेमचोक और चुमार में गश्ती बिंदुओं तक पहुंचने के लिए चीन की सहमति लेने की आवश्यकता नहीं है। जबकि पहले वे भारत के क्षेत्रीय अधिकारों का स्वतंत्र रूप से प्रयोग करने में सक्षम थे। उन्होंने पूछा कि क्या भारतीय गश्ती दल को गलवां, हॉट स्प्रिंग और पैंगोंगत्सो में अपने गश्ती बिंदुओं तक पहुंचने से बफर जोन द्वारा नहीं रोका जा रहा है, जो मुख्य रूप से भारतीय दावा रेखा के भीतर हैं।
उन्होंने कहा कि क्या 2020 में यह व्यापक रूप से रिपोर्ट नहीं किया गया था कि पूर्वी लद्दाख का एक हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र चीनी नियंत्रण में आ गया है। इसमें देपसांग का 900 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र भी शामिल है? क्या लेह के एसपी ने वार्षिक पुलिस महानिदेशक सम्मेलन में एक पेपर प्रस्तुत नहीं किया था जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत ने पूर्वी लद्दाख में 65 गश्ती बिंदुओं में से 26 तक पहुंच खो दी है?
जयराम रमेश ने पूछा कि क्या यह सच नहीं है कि चीन से आयात तेजी से बढ़ रहा है। विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक बैटरी और सौर सेल का आयात बढ़ा है और दूरसंचार, फार्मास्यूटिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र चीनी आयात पर निर्भर हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह सच नहीं है कि चीन के साथ व्यापार घाटा 2024-25 में रिकॉर्ड 99.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया है?
उन्होंने कहा कि क्या यह सच नहीं है कि मोदी सरकार एक ऐसे देश के साथ सामान्यीकरण की कोशिश कर रही है जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के सैन्य अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जे-10सी लड़ाकू विमान और पीएल-15 हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल जैसी हथियार प्रणालियों की आपूर्ति की थी और भारतीय सैन्य अभियानों में लाइव इनपुट प्रदान किया था, जैसा कि चार जुलाई 2025 को उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह ने कहा था?
रमेश ने कहा कि सच्चाई यह है कि मोदी सरकार 1962 के बाद से भारत को मिले सबसे बड़े क्षेत्रीय झटके के लिए जिम्मेदार है और वह अपनी कायरता और गलत आर्थिक प्राथमिकताओं के कारण शत्रुतापूर्ण चीन के साथ सामान्यीकरण की कोशिश कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी से क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से कहा कि अगर आप सच्चे भारतीय हैं तो आप ऐसी बातें नहीं कहेंगे। कोर्ट ने राहुल गांधी से पूछा कि उन्हें कैसे पता चला कि 2000 वर्ग किलोमीटर भूमि पर चीन ने कब्जा कर लिया है? क्या आप वहां थे? क्या आपके पास कोई विश्वसनीय सामग्री है?
सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को ऐसे बयान देने से बचने की नसीहत देते हुए कहा, 'आप विपक्ष के नेता हैं, संसद में अपनी बात कहें, सोशल मीडिया पर नहीं। बता दें कि सेना पर टिप्पणी करने के इस मामले में समन के खिलाफ राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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