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बंगाल: बीरभूम में खेत में बिखरे पड़े मिले वोटर कार्ड, मचा बवाल; टीएमसी कार्यालय से सैकड़ों आधार बरामद
Sun, 17 May 2026 05:46 PM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, कोलकाता।
पीटीआई, कोलकाता।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 17 May 2026 05:46 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल के बीरभूम में एक खेत से बड़ी संख्या में मतदाता पहचान पत्र मिले, जबकि बिधाननगर में एक टीएमसी कार्यालय से आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद हुए। दोनों घटनाओं के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है और आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। पुलिस ने मामलों की जांच शुरू कर दी है। पढ़िए रिपोर्ट-
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टीएमसी कार्यालय में आधार का जखीरा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
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विस्तार
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में रविवार को एक खेत में बड़ी संख्या में मतदाता फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) बिखरे हुए मिले। वहीं, बिधाननगर में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यालय से कथित तौर पर 100 से अधिक आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए। इसके बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है। पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है।
पहली घटना
पहली घटना बीरभूम के नानूर ब्लॉक के किरणाहार इलाके में सामने आई, जहां स्थानीय लोगों ने रविवार सुबह खेत में मतदाता कार्ड बिखरे पड़े देखे। यह खेत एक पूर्व बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) के घर के पास स्थित है, जिससे इलाके के लोगों का शक बढ़ गया और हंगामा हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पूर्व बीएलओ हिरण्यप्रभा मेटे माजी से पुलिस ने इस मामले में पूछताछ की। वह पहले बर्धमान पूर्व जिले के केतुग्राम ब्लॉक में कार्यरत थीं। उन्होंने 2012 से 2025 तक बीएलओ के रूप में काम किया था और बाद में प्रशासनिक नियमों के अनुसार हटा दी गईं।
माजी ने दावा किया कि अपने कार्यकाल के दौरान वह नए मतदाता कार्ड बांटते समय पुराने कार्ड इकट्ठा करती थीं। लेकिन उन्हें ब्लॉक कार्यालय में जमा नहीं करती थीं। इसके बजाय वह उन्हें अपने पास रखती थीं। सूत्रों के अनुसार, माजी ने लोगों से कहा, मेरे घर में मरम्मत का काम चल रहा था। मैंने कागजों को घरे के पीछे एक बोरे में रख दिया था। किसी ने उन्हें बाहर खुले क्षेत्र में फेंक दिया।
दूसरी घटना
एक अलग घटना में, बिधाननगर के वार्ड नंबर 36 के बसंती देवी कॉलोनी में रविवार सुबह पुलिस ने एक स्थानीय टीएमसी कार्यालय से 100 से अधिक आधार कार्ड, पैन कार्ड और जमीन से जुड़े दस्तावेज बरामद किए। इस बरामदगी के बाद राजनीति तेज हो गई। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि यह कार्यालय लंबे समय से गैरकानूनी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था और यहां निवासियों के पहचान दस्तावेज संदिग्ध उद्देश्यों के लिए रखे जाते थे।
ये भी पढ़ें: पूरब में गूंजेगी कबीरवाणी: बंगाल में बना पहला कबीर मंदिर, सदगुरु ज्ञान मंदिर का उद्घाटन; काशी के 10 संत पहुंचे
स्थानीय भाजपा नेताओं ने दावा किया कि उन्हें लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि यहां के लोगों के आधार कार्ड कार्यालय में रखे जाते हैं। उन्होंने कहा कि चार मई को विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने परिसर को बंद कर दिया था और बाद में इसे फिर से खोले जाने पर दस्तावेज सामने आए।
कुछ स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि इलाके के कई लोगों को पहले मतदान से रोका गया था और उनके पहचान दस्तावेज पार्टी कार्यालय में रख लिए गए थे। बिधाननगर दक्षिण थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू कर दी। स्थानीय टीएमसी नेतृत्व की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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पहली घटना
पहली घटना बीरभूम के नानूर ब्लॉक के किरणाहार इलाके में सामने आई, जहां स्थानीय लोगों ने रविवार सुबह खेत में मतदाता कार्ड बिखरे पड़े देखे। यह खेत एक पूर्व बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) के घर के पास स्थित है, जिससे इलाके के लोगों का शक बढ़ गया और हंगामा हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
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#WATCH | Bidhannagar, West Bengal | Bidhannagar South Police seize several Aadhaar cards and documents related to government land that were allegedly found at a TMC Office in Ward No 36 of the Bidhannagar Municipal Corporation.
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Visuals from inside the TMC Office. pic.twitter.com/9p5ZF2Y1nF — ANI (@ANI) May 17, 2026
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पूर्व बीएलओ हिरण्यप्रभा मेटे माजी से पुलिस ने इस मामले में पूछताछ की। वह पहले बर्धमान पूर्व जिले के केतुग्राम ब्लॉक में कार्यरत थीं। उन्होंने 2012 से 2025 तक बीएलओ के रूप में काम किया था और बाद में प्रशासनिक नियमों के अनुसार हटा दी गईं।
माजी ने दावा किया कि अपने कार्यकाल के दौरान वह नए मतदाता कार्ड बांटते समय पुराने कार्ड इकट्ठा करती थीं। लेकिन उन्हें ब्लॉक कार्यालय में जमा नहीं करती थीं। इसके बजाय वह उन्हें अपने पास रखती थीं। सूत्रों के अनुसार, माजी ने लोगों से कहा, मेरे घर में मरम्मत का काम चल रहा था। मैंने कागजों को घरे के पीछे एक बोरे में रख दिया था। किसी ने उन्हें बाहर खुले क्षेत्र में फेंक दिया।
दूसरी घटना
एक अलग घटना में, बिधाननगर के वार्ड नंबर 36 के बसंती देवी कॉलोनी में रविवार सुबह पुलिस ने एक स्थानीय टीएमसी कार्यालय से 100 से अधिक आधार कार्ड, पैन कार्ड और जमीन से जुड़े दस्तावेज बरामद किए। इस बरामदगी के बाद राजनीति तेज हो गई। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि यह कार्यालय लंबे समय से गैरकानूनी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था और यहां निवासियों के पहचान दस्तावेज संदिग्ध उद्देश्यों के लिए रखे जाते थे।
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स्थानीय भाजपा नेताओं ने दावा किया कि उन्हें लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि यहां के लोगों के आधार कार्ड कार्यालय में रखे जाते हैं। उन्होंने कहा कि चार मई को विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने परिसर को बंद कर दिया था और बाद में इसे फिर से खोले जाने पर दस्तावेज सामने आए।
कुछ स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि इलाके के कई लोगों को पहले मतदान से रोका गया था और उनके पहचान दस्तावेज पार्टी कार्यालय में रख लिए गए थे। बिधाननगर दक्षिण थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू कर दी। स्थानीय टीएमसी नेतृत्व की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।