अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल बोले- नीति को प्रगति में बदलते हैं इंजीनियर, प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया उद्घाटन
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ले. जनरल केटी परनाइक (सेवानिवृत्त) गुरुवार को कहा है कि नीति को प्रगति में बदलने का कार्य इंजीनियर करते हैं, वे विचारों को भौतिक अधोसंरचना में ढालते हैं जो जनता की सेवा करती है।
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अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ले. जनरल केटी परनाइक (सेवानिवृत्त) गुरुवार को कहा है कि नीति को प्रगति में बदलने का कार्य इंजीनियर करते हैं, वे विचारों को भौतिक अधोसंरचना में ढालते हैं जो जनता की सेवा करती है।
इंजीनियर राज्य के विकास की रीढ़ हैं। राज्यपाल ने तकनीकी उन्नयन और नैतिक आचरण के महत्व पर जोर देते हुए कहा, भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार रहने के लिए इंजीनियरों को नवाचार, सतत विकास और सबसे अधिक, ईमानदारी को अपनाना चाहिए। यह बात उन्होंने ईटानगर में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के इंजीनियरों के लिए आयोजित दो दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कही।
गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं करने की दी सलाह
राज्यपाल ने कहा, हर परियोजना की डिज़ाइन, गुणवत्ता, बजट, समयसीमा और सामाजिक प्रभाव इंजीनियर की साख और भरोसे का प्रतीक होना चाहिए। उन्होंने गुणवत्ता से कभी समझौता न करने की सलाह दी। इंजीनियरों का प्रयास नवीनतम तकनीकी विशेषज्ञता पर आधारित होना चाहिए, जिसमें सॉफ्टवेयर अनुप्रयोगों का प्रयोग, हरित प्रौद्योगिकी, ऊर्जा दक्षता और जलवायु-लचीली अधोसंरचना को प्राथमिकता देना शामिल है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), जीआईएस मैपिंग और स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे आधुनिक तकनीकी उपकरणों को योजना से लेकर क्रियान्वयन तक अपनाने का आग्रह किया। अधोसंरचना क्षेत्र में तेज़ी से डिजिटल परिवर्तन हो रहा है और इन तकनीकों का प्रयोग अब वैकल्पिक नहीं, बल्कि अनिवार्य हो गया है। इससे न केवल दक्षता और पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और जनता का विश्वास भी मजबूत होगा।
जवाबदेही के उच्चतम मानकों का करें पालन
राज्यपाल ने हाल ही में राज्य विधानसभा में पारित ‘लीकेज और भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता’ प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए वित्तीय अनुशासन के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने अधिकारियों और इंजीनियरों से अपील की कि वे जवाबदेही के उच्चतम मानकों का पालन करें, वित्तीय व्यवहार में पूर्ण पारदर्शिता रखें और सार्वजनिक संसाधनों को अपनी संपत्ति की तरह ईमानदारी और सावधानी से उपयोग करें। उन्होंने अधोसंरचना गुणवत्ता से संबंधित समस्याओं पर गहरी चिंता जताई, विशेषकर कार्यों के सब-लेटिंग (उपठेका) की प्रथा पर। यह व्यवस्था अल्पकालिक आर्थिक लाभ तो दे सकती है, लेकिन इससे गुणवत्ता, जवाबदेही और जनविश्वास बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने इस प्रथा की समीक्षा और सुधार करने का सुझाव दिया, ताकि केवल योग्य, सक्षम और ईमानदार ठेकेदारों को ही कार्य सौंपा जाए।
कार्यक्रम के आयोजन के लिए केंद्र का जताया आभार
राज्यपाल ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए राज्य पीडब्ल्यूडी और इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस, अरुणाचल प्रदेश केंद्र की सराहना की। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य के भविष्य में एक निवेश है, जो इंजीनियरिंग बल की तकनीकी नींव को मजबूत करेगा और उन्हें अधोसंरचना विकास की नई चुनौतियों से निपटने के लिए सक्षम बनाएगा। यह दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम पीडब्ल्यूडी के सतर्कता एवं प्रशिक्षण विंग तथा इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस, अरुणाचल प्रदेश केंद्र द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया है। इसका उद्देश्य इंजीनियरों को इंजीनियरिंग, योजना, क्रियान्वयन और नैतिक प्रशासन की नवीनतम जानकारियों से सुसज्जित करना है। कार्यक्रम में राज्यभर से आए इंजीनियर भाग ले रहे हैं, जिसमें विशेषज्ञ व्याख्यान, केस स्टडी और संवादात्मक सत्र शामिल हैं।
इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव कालिंग तायेंग, इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस के अरुणाचल प्रदेश केंद्र के अध्यक्ष डॉ. टोली बसर, पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता (सतर्कता एवं प्रशिक्षण) इं. रिम्मार तासो और कार्यकारी अभियंता इं. नबाम ताकर ने भी अपने विचार साझा किए।