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शैक्षणिक सत्र 2018-19: इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और फार्मेसी की साढ़े 3 लाख सीट खत्म
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 09 May 2018 09:14 AM IST
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इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और फार्मेसी की डिग्री के बाद भी मार्केट में नौकरी और कॉलेजों को छात्र न मिलने के चलते 3,28,833 सीट खत्म हो गयी हैं। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) शैक्षणिक सत्र 2018-19 में 32,62, 262 सीटों पर दाखिला करेगी। खास बात है कि जुलाई सत्र में कुल 428 कॉलेज बंद हो जाएंगे।
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एआईसीटीई ने देशभर में उच्च तकनीकी शिक्षा में दाखिले और कॉलेजों को जुलाई सत्र में दाखिले देने के लिए फाइनल डाटा तैयार कर लिया है। अमर उजाला के पास सत्र 2018-19 की इंटेक रिपोर्ट उपलब्ध है।
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छात्र न मिलने व खर्चा न निकाल पाने के कारण इस साल इंजीनियरिंग 151, मैनेजमेंट के 141 और फार्मेसी के सात कॉलेज बंद हो गए हैं। जबकि नियमों को पूरा न करने पर 189 कॉलेजों पर ताला लग गया है।
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पहली बार 195 डीम्ड संस्थानों में दाखिला
सुप्रीम कोर्ट ने डीम्ड टू-वी यूनिवर्सिटी में तकनीकी शिक्षा की पढ़ाई का जिम्मा एआईसीटीई को सौंपा है। इसके तहत इस साल पहल बार 195 डीम्ड संस्थानों में 1,04,783 सीटों पर दाखिला होगा। इसमें इंजीनियरिंग के 70 कॉलेज, फार्मेसी के 23 कॉलेज और मैनेजमेंट के 77 कॉलेज शामिल हैं।
- सरकार ने गुणवत्ता, शिक्षक व अन्य कमियों के चलते 189 कॉलेजों पर ताला लगा दिया है, जिसमें इंजीनियरिंग के 130 कॉलेज, फार्मेसी के 21 और मैनेजमेंट के 83 कॉलेज हैं।
- कुल 242 कॉलेजों में डिग्री प्रोग्राम में पहले वर्ष कोई नया दाखिला नहीं होगा। इसमें इंजीनियरिंग के 177, फार्मेसी के 20 और मैनेजमेंट के 119 कॉलेज नया दाखिला नहीं करेंगे, लेकिन पुराने छात्रों की पढ़ाई जारी रहेगी।
- इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी समेत अन्य प्रोग्राम में छात्र न मिलने व खर्चा न निकाल पाने के चलते इस साल 239 कॉलेज बंद हो रहे हैं।
- करीब 9834 कॉलेजों को ही नए सत्र में पढ़ाई की मंजूरी मिली है, जिसके तहत 32,04,142 पुरानी सीटों पर दाखिले होंगे। जबकि नए सत्र में सिर्फ 552 कॉलेजों को मंजूरी मिली, जिसमें 58,120 सीटों पर दाखिला होगा।
- करीब 1341 कॉलेजों ने सरकार से इस साल 1,60,828 सीटों कम करने की मांग रखी, जिसे मंजूर कर लिया है।
फार्मेसी नया ट्रेंड, नए कॉलेजों में बनकर उभरा
इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट डिग्री के बाद भी नौकरी न मिलने के कारण अब छात्र फार्मेसी के क्षेत्र में भविष्य तलाश रहे हैं। क्योंकि इस साल कुल 552 नए कॉलेजों को मान्यता मिली है, जिसमें से 392 कॉलेज फार्मेसी के हैं। जबकि इंजीनियरिंग में यह आंकड़ा 102 और मैनेजमेंट में 47 है। इसी प्रकार सीटों में भी अब फार्मेसी की संख्या अधिक होगी।
- प्रो. अनिल डी सहस्रबुद्धे, चेयरमैन एआईसीटीई
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