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Maharashtra: 28 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा सॉफ्टेवयर इंजीनियर, आतंकी संबंध और कट्टरपंथ फैलाने का आरोप

Fri, 14 Nov 2025 11:50 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 14 Nov 2025 11:50 PM IST
सार

Maharashtra: पुणे की एक विशेष अदालत ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर जुबैर हंगरगेकर को 28 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। हंगरगेकर को आतंकी संबंधों और कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तारकिया गया था। 

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Engineer held by ATS for terror links, radicalisation remanded in judicial custody till Nov 28
पुलिस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

पुणे की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को सॉफ्टवेयर इंजीनियर जुबैर हंगरगेकर को 28 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उसे महाराष्ट्र एटीएस ने अलकायदा और भारतीय उपमहाद्वीप में अलकायदा जैसे प्रतिबंधित संगठनों से कथित संपर्क और कट्टरपंथी गतिविधियों में संलिप्तता के शक में गिरफ्तार किया था। 
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अदालत ने एटीएस की मांग पर हंगरगेकर को न्यायिक हिरासत में भेजा, जबकि एटीएस के लिए पुलिस हिरासत का अधिकार सुरक्षित रखा। एटीएस ने अदालत को बताया कि तलाशी के दौरान एक व्यक्ति के पास से हंगरगेकर का पुराना फोन बरामद हुआ। 
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एटीएस ने कहा, फोन की संपर्क सूची के विश्लेषण में पांच अंतरराष्ट्रीय नंबर पाए गए, जिनमें एक पाकिस्तान, दो सऊदी अरब, और एक-एक कुवैत और ओमान का था। हालांकि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) में इन नंबर्स पर कोई कॉल नहीं दिखाई दी। 


अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि हंगरगेकर से इन नंबरों, खासकर पाकिस्तान वाले नंबर के बारे में पूछताछ की गई, लेकिन उसने कुछ भी नहीं बताया। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि फोन में सुरक्षित किए गए नंबरों और डाटा की जानकारी निकालना आवश्यक है। चूंकि यह प्रक्रिया अतिरिक्त समय लेगी, इसलिए आरोपी को न्यायिक हिरासत में रखा जाना चाहिए। एटीएस ने अदालत को बताया कि आवश्यकता पड़ने पर शेष 11 दिनों के लिए पुलिस हिरासत भी ली जा सकती है।

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इस महीने की शुरुआत में एटीएस ने अदालत को बताया था कि हंगरगेकर पुणे के कोंढवा इलाके में 'आक्रामक तरीके से' धार्मिक प्रवचन देता था। घर की तलाशी के दौरान एटीएस ने मोबाइल फोन जब्त किए, जिनमें 'भारतीय महाद्वी में अलकायदा (एक्यूआईएस) और इसकी रूपरेखा' शीर्षक से डिलीट किए गए पीडीएफ फाइल मिलीं। इसके अलावा, एटीएस ने उर्दू में उस भाषण की प्रति भी बरामद की, जो अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन-लादेन ने ईद-उल-फितर पर दिया था। साथ ही 'इंस्पायर' नाम की पत्रिका भी बरामद हुई, जिसमें ओएसजी गन स्कूल में एके-47 प्रशिक्षण की तस्वीरें और ओएसजी बम स्कूल से एसीटोन पेरॉक्साइड से आईईडी बनाने की प्रक्रिया का विवरण दिया गया था।

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