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एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा का मुंबई पुलिस से इस्तीफा, राजनीति में कर सकते हैं एंट्री
Fri, 19 Jul 2019 09:44 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Priyesh Mishra
Updated Fri, 19 Jul 2019 09:44 AM IST
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इनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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महाराष्ट्र पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी प्रदीप शर्मा ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। वह 100 से ज्यादा एनकाउंटर में शामिल रहे हैं। ठाणे क्राइम ब्रांच में तैनात प्रदीप शर्मा ने अपना इस्तीफा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को भेज दिया है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस से इस्तीफा देने के बाद प्रदीप शर्मा अब राजनीति में अपनी किस्मत आजमा सकते हैं। चर्चा है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में शिवसेना के उम्मीदवार हो सकते हैं।
वरिष्ठ निरीक्षक (सीनियर इंस्पेक्टर) प्रदीप शर्मा को 2008 में लखन भैया फर्जी मुठभेड़ मामले में शामिल होने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। इस मामले में 13 अन्य पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी भी हुई थी। लंबे समय तक निलंबित रहने के बाद 2013 में उन्होंने फिर से पुलिस सेवा ज्वाइन की थी।
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रिपोर्ट्स के अनुसार, तत्कालीन कांग्रेस-एनसीपी सरकार प्रदीप शर्मा को फिर से नौकरी पर रखने के पक्ष में नहीं थी लेकिन राजनीति में शामिल होने की धमकी देने के बाद उन्हें सेवा में वापस ले लिया गया।
प्रदीप शर्मा को अंडरवर्ल्ड में अपने नेटवर्क के लिए भी जाना जाता है। वह 1983 में महाराष्ट्र पुलिस सेवा में शामिल हुए। जिसके बाद उन्हें मुंबई क्राइम ब्रांच टीम का हिस्सा बनाया गया। इस टीम को मुंबई से अंडरवर्ल्ड को खत्म करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
जिसके बाद शर्मा ने एक के बाद एक कई मुठभेड़ में नाम कमाया। शर्मा ने दाऊद के भाई इकबाल कासकर को भी गिरफ्तार किया और जबरन वसूली रैकेट का भंडाफोड़ किया था। 90 के दशक में इस टीम ने मुंबई में अंडरवर्ल्ड के 300 से ज्यादा अपराधियों को मार गिराया। हालांकि इनमें से कई एनकाउंटर विवादित भी रहे।
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सूत्रों के अनुसार, पुलिस से इस्तीफा देने के बाद प्रदीप शर्मा अब राजनीति में अपनी किस्मत आजमा सकते हैं। चर्चा है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में शिवसेना के उम्मीदवार हो सकते हैं।
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वरिष्ठ निरीक्षक (सीनियर इंस्पेक्टर) प्रदीप शर्मा को 2008 में लखन भैया फर्जी मुठभेड़ मामले में शामिल होने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। इस मामले में 13 अन्य पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी भी हुई थी। लंबे समय तक निलंबित रहने के बाद 2013 में उन्होंने फिर से पुलिस सेवा ज्वाइन की थी।
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रिपोर्ट्स के अनुसार, तत्कालीन कांग्रेस-एनसीपी सरकार प्रदीप शर्मा को फिर से नौकरी पर रखने के पक्ष में नहीं थी लेकिन राजनीति में शामिल होने की धमकी देने के बाद उन्हें सेवा में वापस ले लिया गया।
प्रदीप शर्मा को अंडरवर्ल्ड में अपने नेटवर्क के लिए भी जाना जाता है। वह 1983 में महाराष्ट्र पुलिस सेवा में शामिल हुए। जिसके बाद उन्हें मुंबई क्राइम ब्रांच टीम का हिस्सा बनाया गया। इस टीम को मुंबई से अंडरवर्ल्ड को खत्म करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
जिसके बाद शर्मा ने एक के बाद एक कई मुठभेड़ में नाम कमाया। शर्मा ने दाऊद के भाई इकबाल कासकर को भी गिरफ्तार किया और जबरन वसूली रैकेट का भंडाफोड़ किया था। 90 के दशक में इस टीम ने मुंबई में अंडरवर्ल्ड के 300 से ज्यादा अपराधियों को मार गिराया। हालांकि इनमें से कई एनकाउंटर विवादित भी रहे।