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एल्गार परिषद केस: केंद्र ने ही सौंपी थी एनआईए को जांच, विश्वसनीयता पर सवाल का दिया यह जवाब

Tue, 13 Jul 2021 07:29 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 13 Jul 2021 07:29 PM IST
सार

एनआईए ने अपनी विश्वसनीयता पर उठे सवाल को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर जवाब दिया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि चूंकि राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर पड़ रहा था, इसलिए केंद्र ने जांच उसे सौंपने का निर्णय किया था।
 

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Elgar Parishad case: Center handed over the investigation to us, NIA gave this answer to the question on the credibility
बॉम्बे हाईकोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बॉम्बे हाईकोर्ट को मंगलवार को बताया कि केंद्र ने एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले की जांच पुणे पुलिस से लेकर उसे सौंपने का निर्णय स्वत: लिया था। एनआईए ने कहा कि चूंकि राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसका असर पड़ा था, इसलिए केंद्र ने यह निर्णय किया। 

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एनआईए ने यह भी कहा कि उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जा रहे हैं जबकि वह देश में गैरकानूनी व आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए लड़ रही है, जिसमें नक्सलवाद ने कई स्तरों पर नुकसान पहुंचाया है। उसने दावा किया कि राज्य सरकारों को काफी स्वायत्तता और कार्यात्मक विशेषाधिकार दिए गए हैं, लेकिन सभी विषयों की एक जटिल श्रेणी को लेकर ज्यादा शक्तियां और विशेषाधिकार केंद्र सरकार के पास हैं। केंद्रीय एजेंसी ने मामले में गिरफ्तार मानवाधिकार वकील सुरेंद्र गाडलिंग और कार्यकर्ता सुरेंद्र धवले द्वारा दायर याचिका पर उच्च न्यायालय में इस आशय का हलफनामा दायर किया। याचिका में केंद्र सरकार के जनवरी 2020 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत महाराष्ट्र की पुणे पुलिस से मामले की जांच एनआईए को स्थानांतरित की गई थी।
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याचिका में राजनीति से प्रेरित बताया फैसला
अधिवक्ता एस बी तालेकर के जरिये 2020 में दायर याचिका में आरोप लगाया गया कि भाजपा के महाराष्ट्र में बहुमत खोने के बाद केंद्र सरकार ने मामले को स्थानांतरित किया और इसलिए फैसला राजनीति से प्रेरित है। तालेकर ने न्यायमूर्ति एस एस शिंदे और न्यायमूर्ति एन जे जमादार की एक खंडपीठ को मंगलवार को बताया कि मामले में जांच एफआईआर दर्ज होने के दो साल बाद एनआईए को स्थानांतरित की गई। उन्होंने अदालत को बताया कि एनआईए ने मामले में हलफनामा दायर कर दिया है लेकिन केंद्र और महाराष्ट्र सरकार द्वारा हलफनामा दायर किया जाना अभी बाकी है।
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एनआईए के वकील संदेश पाटिल ने हालांकि कहा कि उन्हें पता नहीं है कि जांच एजेंसी ने हलफनामा दायर कर दिया है। उन्होंने अदालत से मामले को देखने के लिए एक हफ्ते का वक्त मांगा। इसके बाद अदालत ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख 19 जुलाई तय कर दी।

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