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Elgar Parishad Case: बांबे हाईकोर्ट ने हनी बाबू की याचिका की खारिज, दो सालों से तलोजा जेल में हैं बंद
Fri, 06 Jan 2023 10:08 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Fri, 06 Jan 2023 10:08 PM IST
सार
अदालत ने कहा कि जब से उसने एल्गार परिषद के आरोपी को एक निजी अस्पताल में इलाज कराने की अनुमति दी है तब से महाराष्ट्र संगठित अपराध अधिनियम तथा स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत आरोपित व्यक्तियों की याचिकाओं की बाढ़ आ गयी है।
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कोर्ट का फैसला
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
महाराष्ट्र हाईकोर्ट ने एल्गार परिषद -माओवादी लिंक मामले में आरोपी दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर हनी बाबू की याचिका को खारिज कर दिया। इस याचिका में हनी बाबू ने चिकित्सा देखभाल की मांग की थी। गौरतलब है कि अदालत ने पिछले महीने हनी बाबू को शहर के एक अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन और चिकित्सकीय जांच की अनुमति दी थी।
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शुक्रवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस ए एस गडकरी और पी डी नाइक की खंडपीठ को सूचित किया गया कि आरोपी की सर्जरी की गई है। सुनवाई के दौरान बाबू के अस्पताल से छुट्टी के कागजात देखने के बाद अदालत ने कहा कि आगे कुछ भी नहीं बचा है। जिसके बाद याचिका को खारिज कर दिया गया ।
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अदालत ने कहा कि जब से उसने एल्गार परिषद के आरोपी को एक निजी अस्पताल में इलाज कराने की अनुमति दी है तब से महाराष्ट्र संगठित अपराध अधिनियम तथा स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत आरोपित व्यक्तियों की याचिकाओं की बाढ़ आ गयी है।
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गौरतलब है कि हनी बाबू पिछले करीब दो सालों से नवी मुंबई की तलोजा जेल में बंद हैं। उन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि निजी ब्रीच कैंडी अस्पताल में मोतियाबिंद की सर्जरी कराने तथा पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द एवं जोड़ों में दर्द का उपचार कराने के लिए उन्हें तीन महीने की जमानत की जरूरत है।