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Supreme court: बैलेट-पेपर नहीं EVM से ही होंगे चुनाव, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका
Fri, 12 Aug 2022 02:21 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Fri, 12 Aug 2022 02:21 PM IST
सार
याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता एम एल शर्मा ने संविधान के अनुच्छेद 100 का हवाला दिया और कहा कि यह एक अनिवार्य प्रावधान है। अनुच्छेद 100 सदन में मतदान और रिक्तियों के बावजूद सदन के कार्य करने के अधिकार से संबंधित है।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : Social media
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विस्तार
ईवीएम के माध्यम से मतदान के कानून को चुनौती देने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ता एमएल शर्मा का कहना था कि जनप्रतिनिधित्व कानून में धारा 61A को बिना सही प्रक्रिया का पालन किए जोड़ा गया। जस्टिस संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि याचिका में कोई ऐसी बात नहीं जो सुनने योग्य हो।
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याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता एम एल शर्मा ने संविधान के अनुच्छेद 100 का हवाला दिया और कहा कि यह एक अनिवार्य प्रावधान है। अनुच्छेद 100 सदन में मतदान और रिक्तियों के बावजूद सदन के कार्य करने के अधिकार से संबंधित है।
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शर्मा ने कहा कि मैंने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा-61ए को यह कहते हुए चुनौती दी है कि इसे लोकसभा या राज्यसभा में मतदान के जरिए पारित नहीं किया गया है। पीठ ने पूछा, ‘‘क्या आप सदन में जो कुछ होता है, उसे चुनौती दे रहे हैं? या आप आम मतदान को चुनौती दे रहे हैं? आप किस चीज को चुनौती दे रहे हैं।’’
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शर्मा ने कहा कि वह अधिनियम की धारा-61ए को चुनौती दे रहे हैं, जिसमें ईवीएम के उपयोग की अनुमति है, जबकि इसे मतदान के माध्यम से सदन में पारित नहीं किया गया था। पीठ ने कहा, ‘हमें इसमें कोई गुण-दोष नहीं मिला... इसलिए इसे खारिज किया जाता है।