फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Election officials collect documents from Amartya Sens ancestral home for SIR know what EC said

SIR: अमर्त्य सेन के घर पहुंचे अधिकारी, मतदाता सूची संशोधन में निकली ये गड़बड़ी; जानें चुनाव आयोग ने क्या कहा?

Fri, 16 Jan 2026 05:24 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: हिमांशु चंदेल Updated Fri, 16 Jan 2026 05:24 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत अमर्त्य सेन के नाम में तकनीकी गड़बड़ी सामने आई। चुनाव अधिकारी उनके बोलपुर स्थित घर पहुंचे और जरूरी दस्तावेज जुटाए। आइए जानते हैं, इस मामले पर चुनाव आयोग ने क्या कहा।

विज्ञापन
Election officials collect documents from Amartya Sens ancestral home for SIR know what EC said
अमर्त्य सेन - फोटो : पीटीआई

विस्तार

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेनका नाम सामने आने से मामला चर्चा में आ गया है। शुक्रवार को चुनाव आयोग के अधिकारी बीरभूम जिले के बोलपुर स्थित उनके पैतृक घर प्रतीची पहुंचे और जरूरी दस्तावेज जुटाए। यह कार्रवाई एसआईआर प्रक्रिया के तहत की गई, जिसे आयोग नियमित प्रक्रिया बता रहा है।

विज्ञापन


चुनाव अधिकारियों ने अमर्त्य सेन के आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र नंबर, उनकी मां अमिता सेन का मृत्यु प्रमाण पत्र और वह पत्र लिया, जिसमें सेन ने अपने चचेरे भाई शांतभानु सेन को सुनवाई में उनकी ओर से पेश होने की अनुमति दी है। सेन इस समय अमेरिका में हैं और हार्वर्ड विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र और दर्शन के प्रोफेसर हैं। परिवार के एक सदस्य ने बताया कि अधिकारियों ने सभी जरूरी कागजात एकत्र किए हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Mother of All Deals: भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते की घोषणा जल्द होने की उम्मीद, गोयल बोले- यह ऐतिहासिक
विज्ञापन
विज्ञापन


मतदाता फॉर्म में क्या गड़बड़ी मिली?
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, अमर्त्य सेन के एन्यूमरेशन फॉर्म में एक विसंगति पाई गई थी। फॉर्म में उनका नाम उनकी मां अमिता सेन से जोड़ा गया था, जबकि दोनों की उम्र में 15 साल से कम का अंतर दिख रहा था। इसी तकनीकी गड़बड़ी के कारण ईआरओ नेट पोर्टल पर मामला फ्लैग हुआ और सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया गया।


अधिकारियों ने क्या सफाई दी?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने कहा कि यह नोटिस अन्य समान मामलों की तरह ही जारी किया गया। चूंकि अमर्त्य सेन की उम्र 85 वर्ष से अधिक है, इसलिए ईआरओ, एईआरओ और बीएलओ ने स्वयं उनके घर जाकर औपचारिकताएं पूरी कीं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रक्रिया नियमों के तहत और नियमित ढंग से अपनाई गई।

ये भी पढ़ें- पत्नी जलती रही और पति वीडियो बनाता रहा, पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए मामला दर्ज किया

मतदाता के तौर पर अमर्त्य सेन के रिकॉर्ड पर एक नजर

  • अमर्त्य सेन कई साल पहले मतदाता बने थे।
  • उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में मतदान किया था।
  • उनका मतदान केंद्र विश्वभारती स्टाफ क्लब रहा है।
  • 2026 की एसआईआर ड्राफ्ट सूची में उनका नाम प्रवासी भारतीय श्रेणी में दर्ज है।
  • सूची में उनका नाम पार्ट 274, सीरियल नंबर 169 पर है।


एसआईआर प्रक्रिया के तहत अब दस्तावेजों की जांच की जाएगी और सुनवाई पूरी होने के बाद मतदाता सूची में अंतिम संशोधन किया जाएगा। चुनाव आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और त्रुटिरहित बनाना है। वहीं, अमर्त्य सेन से जुड़े इस मामले ने यह सवाल जरूर खड़ा किया है कि तकनीकी चूक कैसे इतनी बड़ी पहचान तक पहुंच गई।

अन्य वीडियो-

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article