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Maharashtra: शिवसेना चुनाव चिह्न के लिए भिड़े उद्धव-शिंदे गुटों पर सुनवाई की तरीख तय, चुनाव आयोग सुनेगा दलीलें
Mon, 12 Dec 2022 09:08 PM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 12 Dec 2022 09:08 PM IST
सार
संजय राउत ने कहा कि हम किसी और गुट को मान्यता नहीं देंगे। शिवसेना वहीं है, जहां ठाकरे हैं। वहीं आयोग के समक्ष ठाकरे गुट की तरफ से कपिल सिब्बल और शिंदे गुट की ओर से महेश जेठमलानी चुनाव आयोग के समक्ष पेश हुए।
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उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे
- फोटो : Twitter@ CMO Maharashtra
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विस्तार
महाराष्ट्र में मूल शिवसेना के लिए उद्धव ठाकरे गुट और सीएम शिंदे गुट के बीच लगातार लड़ाई जारी है। वहीं सोमवार को इस मामले पर चुनाव आयोग ने गुटों की दलीलें सुनने के लिए अगली तारीख पांच जनवरी तय की है। सुनवाई के दौरान दोनों गुटों के वकीलों ने पार्टी के नाम और चिन्ह पर दावा करने के लिए प्रतिद्वंद्वी गुटों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच करने के लिए और समय मांगा।
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ठाकरे गुट की तरफ से कपिल सिब्बल और शिंदे गुट की ओर से महेश जेठमलानी चुनाव आयोग के समक्ष पेश हुए। शिवसेना कहती है कि शिंदे बागी हैं वह पार्टी छोड़कर गए हैं तो उनका दावा करना ही गलत है। वहीं एकनाथ शिंदे ने भाजपा के साथ महाराष्ट्र में सरकार बना ली और वह कहते हैं उनकी पार्टी ही असली शिवसेना है।
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शिवसेना वहीं है, जहां उद्धव ठाकरे हैं
ठाकरे गुट के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने कहा कि हम किसी और गुट को मान्यता नहीं देंगे। शिवसेना वहीं है, जहां ठाकरे हैं। वहीं आयोग ने पिछले महीने शिवसेना के गुटों से कहा था कि वे पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर अपना दावा वापस लेने के लिए 23 नवंबर तक नए दस्तावेज पेश करें।
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वहीं दोनों को महाराष्ट्र में किसी भी चुनाव में 'धनुष और तीर' चिन्ह का उपयोग करने से रोक दिया था और दोनों गुटों को अलग नाम और चिह्न दिए गए थे। ठाकरे गुट को पार्टी के नाम के रूप में 'शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे' और एकनाथ शिंदे गुट को 'बालासाहेबंची शिवसेना' (बालासाहेब की शिवसेना) आवंटित की गई थी। साथ ही चुनाव आयोग ने कहा था कि अंतरिम आदेश विवाद के अंतिम निर्णय तक जारी रहेगा।