EC: ‘कानूनी प्रक्रियाओं में दखल देने वाला फैसला सही नहीं’, विपक्ष नेताओं के इन आरोपों पर आयोग की टिप्पणी
इंडी गठबंधन में शामिल कई राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग से मांग की थी वे भ्रष्टाचार के मामले में उनके नेताओं को निशाना बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग मामले में हस्तक्षेप करे।
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लोकसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा विपक्षी नेताओं को निशाना बनाए जाने के विपक्ष के आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने मंगलवार को कहा कि आयोग समान अवसर की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन ऐसा कोई भी कदम उठाना सही नहीं है, जो कानूनी और न्यायिक प्रक्रियाओं में दखल दे। बता दें, इंडी गठबंधन में शामिल कई राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग से मांग की थी वे भ्रष्टाचार के मामले में उनके नेताओं को निशाना बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग मामले में हस्तक्षेप करे।
चुनाव आयोग ने मंगलवार को जारी अपने एक बयान में कहा कि यह कार्रवाई मौजूदा स्थिति को देखते हुए संवैधानिक आधार पर की गई है। कार्रवाई कोर्ट के आदेशों और जांच के आधार पर की गई है। बयान में आयोग ने कहा कि हम राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के समान अवसर की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं लेकिन ऐसा कोई भी कदम उठाना, जो कानूनी प्रक्रियाओं में दखल दे, सही नहीं है।
200 शिकायतों में 169 मामलों में कार्रवाई
इसके अलावा, आयोग ने बताया कि आचार सहिंता लागू किए जाने के एक महीने में सात राजनीतिक दलों के 16 प्रतिनिधिमंडलों ने आचार संहिता के उल्लंघन सहित संबंधित मामलों में अपनी शिकायत दर्ज कराई है। विभिन्न राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों ने चुनाव आयोग और राज्य स्तर पर करीब 200 शिकायत दर्ज की हैं, जिसमें से 169 मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। भाजपा की ओर से कुल 51 शिकायते प्राप्त हुईं, जिनमें से 38 शिकायतों पर कार्रवाई की गई। वहीं, कांग्रेस की ओर से 59 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें से 51 मामलों में कार्रवाई की गई। भाजपा-कांग्रेस के अलावा अन्य दलों की ओर से 90 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 80 मामलों में कार्रवाई की गई।
परेशान करने वाले नेताओं पर कड़ी नजर
आदर्श आचार संहिता लागू होने के एक महीना पूरा होने पर आयोग ने कहा कि वे राजनीतिक दलों द्वारा संहिता के अनुपालन से मोटे तौर पर संतुष्ट हैं। विभिन्न दलों और उम्मीदवारों का अभियान काफी हद तक अव्यवस्था मुक्त रहा। वहीं, परेशान करने वाले नेताओं और उम्मीदवारों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।