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ECI: मतगणना प्रक्रिया में बड़ा बदलाव, बिहार चुनावों से लागू होगा डाक मतपत्रों की गिनती का यह नया नियम
Thu, 25 Sep 2025 04:25 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Thu, 25 Sep 2025 04:25 PM IST
सार
चुनाव आयोग ने डाक मतपत्रों की गिनती में पारदर्शिता लाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब ईवीएम की गिनती का दूसरा अंतिम चरण तभी होगा जब डाक मतपत्रों की गिनती पूरी हो जाएगी। यह व्यवस्था सबसे पहले बिहार विधानसभा चुनावों में लागू होगी। डाक मतपत्रों की संख्या बढ़ने के मद्देनजर आयोग ने पर्याप्त टेबल और गिनतीकर्मी लगाने के भी निर्देश दिए हैं।
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चुनाव आयोग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग ने डाक मतपत्रों की गिनती की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित कर दिया है। अब गिनती के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने से पहले ईवीएम की गिनती का अंतिम चरण शुरू न हो।
अब तक प्रचलन यह था कि गिनती के दिन सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों की गिनती शुरू होती थी और सुबह 8:30 बजे ईवीएम की गिनती। पहले के नियमों के मुताबिक, ईवीएम की गिनती डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने से पहले भी खत्म हो सकती थी। हालांकि, अब आयोग ने तय किया है कि ईवीएम की गिनती का दूसरा अंतिम चरण तभी शुरू होगा जब डाक मतपत्रों की गिनती पूरी हो जाएगी।
पहली बार बिहार में होगी लागू
नई व्यवस्था का पहला प्रयोग बिहार विधानसभा चुनावों में होगा, जो नवंबर में होने जा रहे हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इससे गिनती प्रक्रिया अधिक एकरूप और पारदर्शी बनेगी। इससे मतदाताओं और उम्मीदवारों के बीच किसी भी तरह के भ्रम की स्थिति नहीं रहेगी।
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ये भी पढ़ें- मालेगांव विस्फोट मामले से बरी होने के बाद लेफ्टिनेंट प्रसाद पुरोहित का प्रमोशन, अब बनाए गए कर्नल
पर्याप्त संसाधनों की व्यवस्था
चुनाव आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि जिन निर्वाचन क्षेत्रों में डाक मतपत्रों की संख्या अधिक होगी, वहां पर्याप्त संख्या में टेबल और गिनतीकर्मी लगाए जाएं। इसका उद्देश्य गिनती में देरी को रोकना और प्रक्रिया को समयबद्ध बनाना है।
डाक मतपत्रों की संख्या बढ़ी
आयोग ने बताया कि हाल ही में दिव्यांग मतदाताओं और 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर से मतदान की सुविधा शुरू की गई है। इसके चलते डाक मतपत्रों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में गिनती की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना बेहद जरूरी हो गया है।
ये भी पढ़ें- आरके सिंह के जाने से भाजपा को बड़ा नुकसान नहीं, योगी-रूड़ी ठाकुरों की पहचान
पारदर्शिता और भरोसा
चुनाव आयोग का मानना है कि इस नए कदम से चुनावी प्रक्रिया पर जनता का भरोसा और मजबूत होगा। डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने तक अंतिम ईवीएम गिनती को रोके रखने का निर्णय सभी उम्मीदवारों और दलों को यह आश्वासन देगा कि मतगणना में किसी तरह की जल्दबाजी या असमानता नहीं होगी।
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अब तक प्रचलन यह था कि गिनती के दिन सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों की गिनती शुरू होती थी और सुबह 8:30 बजे ईवीएम की गिनती। पहले के नियमों के मुताबिक, ईवीएम की गिनती डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने से पहले भी खत्म हो सकती थी। हालांकि, अब आयोग ने तय किया है कि ईवीएम की गिनती का दूसरा अंतिम चरण तभी शुरू होगा जब डाक मतपत्रों की गिनती पूरी हो जाएगी।
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पहली बार बिहार में होगी लागू
नई व्यवस्था का पहला प्रयोग बिहार विधानसभा चुनावों में होगा, जो नवंबर में होने जा रहे हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इससे गिनती प्रक्रिया अधिक एकरूप और पारदर्शी बनेगी। इससे मतदाताओं और उम्मीदवारों के बीच किसी भी तरह के भ्रम की स्थिति नहीं रहेगी।
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पर्याप्त संसाधनों की व्यवस्था
चुनाव आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि जिन निर्वाचन क्षेत्रों में डाक मतपत्रों की संख्या अधिक होगी, वहां पर्याप्त संख्या में टेबल और गिनतीकर्मी लगाए जाएं। इसका उद्देश्य गिनती में देरी को रोकना और प्रक्रिया को समयबद्ध बनाना है।
डाक मतपत्रों की संख्या बढ़ी
आयोग ने बताया कि हाल ही में दिव्यांग मतदाताओं और 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर से मतदान की सुविधा शुरू की गई है। इसके चलते डाक मतपत्रों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में गिनती की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना बेहद जरूरी हो गया है।
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पारदर्शिता और भरोसा
चुनाव आयोग का मानना है कि इस नए कदम से चुनावी प्रक्रिया पर जनता का भरोसा और मजबूत होगा। डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने तक अंतिम ईवीएम गिनती को रोके रखने का निर्णय सभी उम्मीदवारों और दलों को यह आश्वासन देगा कि मतगणना में किसी तरह की जल्दबाजी या असमानता नहीं होगी।