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'आप' को झटका: चंदे की रकम में गड़बड़ी, चुनाव चिन्ह और मान्यता हो सकती है रद्द
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 11 Sep 2018 07:23 PM IST
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चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका दिया है। आयोग ने चंदे में अनियमितताओं को लेकर आम आदमी पार्टी को नोटिस जारी किया है। आयोग ने कहा है कि नोटिस का जवाब देने के लिए बीस दिन का वक्त दिया है। आयोग का आरोप है कि आप ने चंदे की रकम छिपाई है और आयोग के समक्ष गलत जानकारी पेश की है। पैरा 16ए में चुनाव चिन्ह रद्द होने के साथ, यह भी प्रावधान है कि पार्टी की मान्यता भी रद्द हो सकती है।
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चुनाव आयोग ने मंगलवार को जारी नोटिस में आम आदमी पार्टी से स्पष्टीकरण देने को कहा है। आयोग के मुताबिक अगर नोटिस मिलने के बीस दिन के भीतर आम आदमी पार्टी जवाब नहीं देती है, तो उसका चुनाव चिन्ह रद्द कर दिया जाएगा। आयोग के मुताबिक आप ने 2014-15 की चंदे की जानकारी भेजी थी, जो आयोग को 30 सितंबर, 2015 को मिली। वहीं आप ने 20 मार्च 2017 को चंदे की संशोधित रिपोर्ट भेजी।
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अपनी पहली रिपोर्ट में आम आदमी पार्टी ने 2696 दानदाताओं की सूची भेजी थी, जिनसे 37 करोड़ 45 लाख रुपए का कुल चंदा मिला। लेकिन अपनी संशोधित रिपोर्ट में आप ने 8262 दानदाताओं से 37 करोड़ 60 लाख रुपए का चंदा मिलना दिखाया। आयोग का कहना है कि उन्हें 5 जनवरी, 2018 को सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज यानी सीबीडीटी से रिपोर्ट मिली, जिसमें आम आदमी पार्टी ने 2014-15 के चंदे में कई विसंगतियां पाई गईं। सीबीडीटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि आप ने चंदे के मामले में पारदर्शिता नहीं बरती है और आयोग के नियमों का उल्लंघन किया है।
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आप पर आरोप : चंदे की जानकारी छुपाई
आयोग का कहना है कि आप के बैंक अकाउंट में 67.67 करोड़ रुपए क्रेडिट हुए, जिसमें दान से मिले हुए 64.44 करोड़ रुपए भी शामिल हैं। लेकिन पार्टी ने अपनी आय 54.15 करोड़ ही दिखाई और 13.16 करोड़ का कोई हिसाब नहीं मिला।
हवाला कारोबारी से मिला पैसा
रिपोर्ट में कहा गया है कि हवाला कारोबारी से आम आदमी पार्टी को हवाला ऑपरटर्स के जरिए 2 करोड रुपए भी मिले, जिन्हें पार्टी ने चंदे के तौर पर दिखाया।
चुनाव आयोग और वेबसाइट पर दी गलत जानकारी
रिपोर्ट के मुताबिक जनप्रतिनिधि अधिनियम के सेक्शन 29सी के तहत आप ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट और आयोग को गलत जानकारी पेश की। इसमें यह भी कहा गया है कि एक बार सवाल उठाने पर आम आदमी पार्टी ने अपने खातों की जानकारी बदली।
आयोग का कहना है कि प्रथम दृष्टि में आप ने चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों का उल्लंघन किया है और पैरा चुनाव चिन्ह, 1968 16ए के तहत उनका चिन्ह जब्त किया जा सकता है। पैरा 16ए में चुनाव चिन्ह रद्द होने के साथ, यह भी प्रावधान है कि पार्टी की मान्यता भी रद्द हो सकती है। वहीं आयोग ने नोटिस मिलने के बाद पार्टी को 20 दिन के भीतर जवाब देने को कहा है।
आयोग का कहना है कि प्रथम दृष्टि में आप ने चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों का उल्लंघन किया है और पैरा चुनाव चिन्ह, 1968 16ए के तहत उनका चिन्ह जब्त किया जा सकता है। पैरा 16ए में चुनाव चिन्ह रद्द होने के साथ, यह भी प्रावधान है कि पार्टी की मान्यता भी रद्द हो सकती है। वहीं आयोग ने नोटिस मिलने के बाद पार्टी को 20 दिन के भीतर जवाब देने को कहा है।
आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग के आरोपों को बताया गलत, कहा- पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं सरकारी एजेंसियां
वहीं, आम आदमी पार्टी ने चंदे में गड़बड़ी को लेकर चुनाव आयोग के आरोपों को गलत बताया है। आप का कहना है कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज ने अकाउंट की गलत गणना की है, जिसके चलते यह नोटिस जारी हुआ। पार्टी के मुताबिक उसने वित्तीय वर्ष 2014-15 की रिपोर्ट में विभिन्न दानदाताओं से मिली 37 करोड़ 60 लाख रुपए की रकम की जानकारी दी थी। साथ ही, रिपोर्ट में एक ही दानदाता की कई रसीदें भी सौंपी थी।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एनडी गुप्ता की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक पार्टी ने इनकम टैक्स विभाग को भी बताया था कि प्रत्येक दानदाता ने कितनी बार योगदान दिया है। पार्टी का कहना है कि नोटिस में ऑरिजनल रिपोर्ट की दान राशि को भी गलत बताया गया है और चुनाव आयोग ने अपने नोटिस में इनकम टैक्स विभाग की गलत और पक्षपातपूर्ण अवलोकन को कॉपी-पेस्ट किया है।
आप का कहना है कि पार्टी की राज्य ईकाइयों के बीच हुए बैंक ट्रांसफर को भी आयोग ने चंदा मान लिया है। अपनी विज्ञप्ति में कहा है कि कानून का पालन करने वाली राजनीतिक पार्टी के प्रति एक सम्मानित अथॉरिटी का इस तरह अवलोकन, उसके पूर्वाग्रहों को दर्शाता है। पार्टी का कहना है कि यह बेहद आश्चर्यजनक है कि सीबीडीसी ने इनकम टैक्स एक्ट का उल्लंघन करते हुए 5 जनवरी 2018 को रिपोर्ट दाखिल की। जो स्पष्ट रूप से दिखाता है कि केंद्र सरकार की एजेंसियां पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं।
पार्टी के मुताबिक सीबीडीटी को दाखिल अपील में आम आदमी पार्टी ने 13 करोड़ के अंतर को लेकर लगाए कथित आरोपों में बारे में लगातार बताया है। हालांकि यह अपील अभी पेंडिंग है। पार्टी का कहना है कि वह चुनाव आयोग को सभी जानकारियों के बारे में विस्तार से बताएगी। पार्टी के मुताबिक उन्हें भरोसा है एजेंसियां उनका उत्पीड़न कर सकती हैं, लेकिन सच्चाई सबके सामने आएगी।
वहीं, आम आदमी पार्टी ने चंदे में गड़बड़ी को लेकर चुनाव आयोग के आरोपों को गलत बताया है। आप का कहना है कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज ने अकाउंट की गलत गणना की है, जिसके चलते यह नोटिस जारी हुआ। पार्टी के मुताबिक उसने वित्तीय वर्ष 2014-15 की रिपोर्ट में विभिन्न दानदाताओं से मिली 37 करोड़ 60 लाख रुपए की रकम की जानकारी दी थी। साथ ही, रिपोर्ट में एक ही दानदाता की कई रसीदें भी सौंपी थी।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एनडी गुप्ता की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक पार्टी ने इनकम टैक्स विभाग को भी बताया था कि प्रत्येक दानदाता ने कितनी बार योगदान दिया है। पार्टी का कहना है कि नोटिस में ऑरिजनल रिपोर्ट की दान राशि को भी गलत बताया गया है और चुनाव आयोग ने अपने नोटिस में इनकम टैक्स विभाग की गलत और पक्षपातपूर्ण अवलोकन को कॉपी-पेस्ट किया है।
आप का कहना है कि पार्टी की राज्य ईकाइयों के बीच हुए बैंक ट्रांसफर को भी आयोग ने चंदा मान लिया है। अपनी विज्ञप्ति में कहा है कि कानून का पालन करने वाली राजनीतिक पार्टी के प्रति एक सम्मानित अथॉरिटी का इस तरह अवलोकन, उसके पूर्वाग्रहों को दर्शाता है। पार्टी का कहना है कि यह बेहद आश्चर्यजनक है कि सीबीडीसी ने इनकम टैक्स एक्ट का उल्लंघन करते हुए 5 जनवरी 2018 को रिपोर्ट दाखिल की। जो स्पष्ट रूप से दिखाता है कि केंद्र सरकार की एजेंसियां पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं।
पार्टी के मुताबिक सीबीडीटी को दाखिल अपील में आम आदमी पार्टी ने 13 करोड़ के अंतर को लेकर लगाए कथित आरोपों में बारे में लगातार बताया है। हालांकि यह अपील अभी पेंडिंग है। पार्टी का कहना है कि वह चुनाव आयोग को सभी जानकारियों के बारे में विस्तार से बताएगी। पार्टी के मुताबिक उन्हें भरोसा है एजेंसियां उनका उत्पीड़न कर सकती हैं, लेकिन सच्चाई सबके सामने आएगी।