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चुनाव आयोग ने ममता के आरोपों का किया खंडन, कहा- आचार संहिता के दौरान तबादला उसका अधिकार
Sun, 07 Apr 2019 05:51 PM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Gaurav Pandey
Updated Sun, 07 Apr 2019 05:51 PM IST
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ममता बनर्जी (फाइल फोटो)
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चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उन आरोपों को खारिज कर दिया है कि उसने केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा के इशारे पर राज्य के चार पुलिस अधिकारियों के तबादले का आदेश दिया। इसके साथ ही आयोग ने कहा कि तबादले का उसका फैसला अपने शीर्ष अधिकारियों में से एक के अलावा विशेष पुलिस पर्यवेक्षक की प्रतिक्रियाओं पर आधारित था।
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आयोग ने बनर्जी से यह भी कहा कि चुनाव कानून के अनुसार आदर्श आचार संहिता के दौरान उसे अधिकारियों को स्थानांतरित करने और नियुक्त करने का अधिकार है। ममता बनर्जी ने शनिवार को चुनाव आयोग को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है।
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ममता बनर्जी के पत्र का जवाब देते हुए आयोग ने शनिवार को कहा कि विश्व के सबसे लोकतंत्र में मतदाताओं के लिए चुनाव आयोग और राज्य सरकारें तथा केंद्रशासित प्रदेश संयुक्त रूप से जवाबदेह हैं। इसके साथ ही वे संविधान निर्माताओं द्वारा तय की गई अपनी अपनी भूमिकाओं का अक्षरश: पालन करने के लिए बाध्य हैं।
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ममता बनर्जी को संबोधित करते हुए यह पत्र उप चुनाव आयुक्तों में से एक ने लिखा है। इसमें जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 28ए का उल्लेख किया गया है कि चुनाव आयोग आचार संहिता की अवधि के दौरान अधिकारियों का तबादला और उनकी नियुक्ति कर सकता है। पत्र में यह भी लिखा गया है कि केरल उच्च न्यायालय ने भी अपने एक फैसले में इस प्रावधान को मंजूरी दी है।