{"_id":"64d9ff53c377dd1124097324","slug":"election-commission-appointment-bill-provision-pm-led-committee-can-select-name-beyond-recommendation-2023-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"ECI: तय नामों से अलग भी चुनाव आयुक्त चुन सकती है समिति, नए विधेयक में है ये प्रावधान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
ECI: तय नामों से अलग भी चुनाव आयुक्त चुन सकती है समिति, नए विधेयक में है ये प्रावधान
Mon, 14 Aug 2023 03:53 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 14 Aug 2023 03:53 PM IST
सार
विधेयक की धारा 7(1) प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता और एक केंद्रीय मंत्री की सदस्यता वाली समिति चुनाव आयुक्त का चयन करेगी।
विज्ञापन
चुनाव आयोग (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में चुनाव आयुक्त की नियुक्ति को लेकर विधेयक पेश किया गया। इस विधेयक में प्रावधान है कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति तय नामों के अलावा भी किसी व्यक्ति को चुनाव आयुक्त चुन सकती है। विधेयक की धारा 6 के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों के पांच संभावित उम्मीदवारों का चयन कैबिनेट सचिव और सचिव स्तर के दो सदस्यों वाली सर्च कमेटी करेगी।
प्रधानमंत्री करेंगे अध्यक्षता
विधेयक की धारा 8(2) के तहत प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति चयनित उम्मीदवारों के अलावा भी किसी अन्य को चुनाव आयुक्त चुन सकती है। विधेयक की धारा 7(1) प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता और एक केंद्रीय मंत्री की सदस्यता वाली समिति चुनाव आयुक्त का चयन करेगी। विधेयक के अनुसार, सदन में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता को विपक्ष का नेता माना जाएगा।
सचिव स्तर के अधिकारी के नाम पर होगा विचार
विधेयक के अनुसार, सरकार में सचिव या उसके बराबर स्तर के अधिकारी को ही मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त चुनेगी। साथ ही जिस अधिकारी को चुनाव कराने संबंधी जानकारी और ज्ञान होगा, उसके नाम पर ही विचार किया जाएगा।
विज्ञापन
बता दें कि इस विधेयक पर विवाद भी हो रहा है और आरोप लग रहे हैं कि सरकार चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को नियंत्रित करना चाहती है। दरअसल पहले चुनाव आयुक्त का चयन करने वाली समिति में मुख्य न्यायाधीश भी शामिल थे लेकिन अब सरकार ने जो विधेयक पेश किया है, उसमें चुनाव आयुक्त का चुनाव करने वाली समिति से मुख्य न्यायाधीश को बाहर कर दिया गया है। चुनाव आयोग के पास ही लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभाओं के चुनाव कराने की जिम्मेदारी होती है। साथ ही राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कराने की जिम्मेदारी भी इसी आयोग के पास है।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री करेंगे अध्यक्षता
विधेयक की धारा 8(2) के तहत प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति चयनित उम्मीदवारों के अलावा भी किसी अन्य को चुनाव आयुक्त चुन सकती है। विधेयक की धारा 7(1) प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता और एक केंद्रीय मंत्री की सदस्यता वाली समिति चुनाव आयुक्त का चयन करेगी। विधेयक के अनुसार, सदन में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता को विपक्ष का नेता माना जाएगा।
विज्ञापन
सचिव स्तर के अधिकारी के नाम पर होगा विचार
विधेयक के अनुसार, सरकार में सचिव या उसके बराबर स्तर के अधिकारी को ही मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त चुनेगी। साथ ही जिस अधिकारी को चुनाव कराने संबंधी जानकारी और ज्ञान होगा, उसके नाम पर ही विचार किया जाएगा।
विज्ञापन
बता दें कि इस विधेयक पर विवाद भी हो रहा है और आरोप लग रहे हैं कि सरकार चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को नियंत्रित करना चाहती है। दरअसल पहले चुनाव आयुक्त का चयन करने वाली समिति में मुख्य न्यायाधीश भी शामिल थे लेकिन अब सरकार ने जो विधेयक पेश किया है, उसमें चुनाव आयुक्त का चुनाव करने वाली समिति से मुख्य न्यायाधीश को बाहर कर दिया गया है। चुनाव आयोग के पास ही लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभाओं के चुनाव कराने की जिम्मेदारी होती है। साथ ही राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कराने की जिम्मेदारी भी इसी आयोग के पास है।