फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   election comission reaction Lok Sabha LoP Rahul Gandhi press conference vote data theft

EC vs Rahul Gandhi: 'लिखित में प्रमाणित करें', मतदाता सूची हेरफेर के राहुल के दावों पर चुनाव आयोग की दो-टूक

Thu, 07 Aug 2025 07:54 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: हिमांशु चंदेल Updated Thu, 07 Aug 2025 07:54 PM IST
सार

राहुल गांधी द्वारा मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों पर कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी ने उन्हें पत्र लिखकर शपथपत्र के साथ प्रमाण मांगे हैं। राहुल ने अयोग्य नामों के जुड़ने और योग्य नामों के हटने का आरोप लगाया है। चुनाव आयोग ने उनसे संबंधित मतदाताओं के नाम देने को कहा है ताकि जरूरी कार्रवाई की जा सके। मामला अब सियासी विवाद बन गया है।

विज्ञापन
election comission reaction Lok Sabha LoP Rahul Gandhi press conference vote data theft
राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग का बयान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा मतदाता सूचियों में गड़बड़ी को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद कर्नाटक और महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी ने उन्हें पत्र लिखकर जवाब मांगा है। इस पत्र में उनसे कहा गया है कि वह निर्वाचन नियमों के तहत शपथपत्र भरकर उन मतदाताओं के नाम दें, जिनके बारे में उन्होंने दावा किया है कि या तो वे अयोग्य होकर भी सूची में हैं या योग्य होते हुए भी सूची से बाहर कर दिए गए हैं।

विज्ञापन


राहुल गांधी ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र, कर्नाटक और कुछ अन्य राज्यों की मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। उन्होंने कहा कि लाखों ऐसे नाम जोड़े गए हैं, जो अयोग्य हैं और वहीं लाखों योग्य मतदाताओं के नाम सूची से गायब कर दिए गए हैं। राहुल ने इसे 'वोट की चोरी' बताया और कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता अब सवालों के घेरे में है।

विज्ञापन
 

चुनाव आयोग ने मांगा लिखित प्रमाण
कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी ने राहुल गांधी को लिखे पत्र में कहा है कि निर्वाचन नियमों के तहत, अगर कोई व्यक्ति मतदाता सूची की वैधता पर सवाल उठाता है, तो उसे लिखित में विवरण देना होता है। पत्र में राहुल से अपेक्षा की गई है कि वे नियम 20(3)(b) के तहत शपथपत्र पर हस्ताक्षर कर ऐसे मतदाताओं के नाम उपलब्ध कराएं, ताकि उनके दावों की जांच की जा सके और यदि आवश्यक हो तो कानूनी कार्रवाई भी शुरू की जा सके।



ये भी पढ़ें- 'धर्मस्थल' के पास दो गुटों में झड़प मामले में CM सिद्धारमैया सख्त, कहा- दोषियों पर होगी कार्रवाई

राजनीतिक बहस का मुद्दा बना चुनाव आयोग
राहुल गांधी के इन आरोपों से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ कर्नाटक या महाराष्ट्र की बात नहीं है, बल्कि पूरे देश में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस हार की आहट से बौखला गई है और अब वह चुनाव आयोग पर अनावश्यक दबाव बना रही है।

ये भी पढ़ें- 'दिव्यांगजनों के लिए भी फुटपाथ जरूरी', अदालत ने केंद्र सरकार को गाइडलाइन बनाने का आदेश दिया

अब क्या होगा आगे?
अब सबकी नजर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया पर टिकी है। क्या वह शपथपत्र भरकर चुनाव आयोग को नाम सौंपेंगे या सिर्फ बयानबाजी तक ही बात रहेगी? चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर उन्हें प्रमाण मिलते हैं, तो वे उचित कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह मामला आने वाले चुनावों से पहले आयोग की निष्पक्षता और राजनीतिक दलों के विश्वास के बीच एक बड़ी परीक्षा बन गया है।



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed