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Maharashtra: एक और ठाकरे ने की एकनाथ शिंदे से मुलाकात, क्या ये है उद्धव से शिवसेना छीनने का नया प्लान?

Sat, 30 Jul 2022 04:11 PM IST
जयदेव सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: जयदेव सिंह Updated Sat, 30 Jul 2022 04:11 PM IST
सार

निहार ठाकरे बाल ठाकरे के पोते और उद्धव ठाकरे के भतीजे हैं। निहार ठाकरे के पिता बिंदु माधव ठाकरे बाल ठाकरे के सबसे बड़े बेटे थे। 20 अप्रैल 1996 को बिंदु माधव ठाकरे का एक सड़क हादसे में निधन हो गया था।

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Eknath Shinde meets Nihar Thackeray what it means in Maharashtra
बाल ठाकरे का परिवार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के लिए कुछ ठीक नहीं चल रहा है। अपनी ही पार्टी में हुई बगावत की वजह से सत्ता गंवा चुके उद्धव के परिवार में भी फूट पड़ती दिख रही है। मंगलवार को उद्धव ठाकरे की भाभी स्मिता ठाकरे ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। 

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स्मिता ने इसे सामान्य शिष्टाचार भेंट बताया। वहीं, शुक्रवार शाम उद्धव के भतीजे निहार ठाकरे ने शिंदे से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ट्वीट कर दावा किया कि निहार ने उन्हें समर्थन देने का एलान किया है। इसके साथ ही इस बात की भी चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर निहार हैं कौन? राजनीतिक रूप से कितने सक्रिय रहे हैं? शिंदे के ट्टीट के क्या मायने हैं? आइये जानते हैं…

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कौन हैं निहार ठाकरे?

निहार ठाकरे बाल ठाकरे के पोते हैं। निहार ठाकरे के पिता बिंदु माधव ठाकरे बाल ठाकरे के सबसे बड़े बेटे थे। 20 अप्रैल 1996 को बिंदु माधव का एक सड़क हादसे में निधन हो गया था। उस वक्त उनकी उम्र महज 42 साल थी। घटना के वक्त बिंदु माधव, उनकी पत्नी माधवी, बेटे निहार, बेटी नेहा लोनावाल से छुट्टियां मनाकर लौट रहे थे।  

निहार की शादी पिछले साल 28 दिसंबर को भाजपा नेता और  महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मंत्री हर्षवर्धन पाटिल की बेटी अंकिता पाटिल से हुई थी। पूर्व सहाकारिता मंत्री हर्षवर्धन पाटिल ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ली थी। वह 2019 में भाजपा में शामिल हुए थे। 

इससे पहले वह पुणे की इंदापुर विधानसभा सीट से चार बार विधायक भी रह चुके हैं। 1995 से 2014 तक सभी राज्य सरकारों में मंत्री पद पर काम कर चुके हैं। निहार की पत्नी अंकिता  पुणे जिला परिषद सदस्य हैं और इंडियन शुगर मिल्स एसोसएशन की निदेशक भी हैं। अंकिता ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। निहार और अंकिता की मुलाकात हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में ही हुई थी।  

निहार एडवोकेट के रूप में मुंबई में ही काम करते हैं। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने ट्वीट में निहार के भावी राजनीतिक और सामाजिक भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। इससे अटकलें लगाई जा रही हैं कि निहार भी जल्द ही राजनीति में उतर सकते हैं। हालांकि, राजनीतिक पारी की शुरुआत वह अपने चाचा उद्धव ठाकरे या चचेरे चाचा राज ठाकरे के साथ नहीं करके एकनाथ शिंदे के साथ कर सकते हैं। 

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एकनाथ शिंद से मुलाकात करने पहुंचे बाल ठाकरे के पोते निहार ठाकरे। - फोटो : सोशल मीडिया

मुलाकात पर शिंदे का क्या कहना है?

निहार से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ट्वीट किया, 'शिव सेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के पोते और बिंदु माधव ठाकरे के पुत्र निहार ठाकरे ने आज मुलाकात की। उन्होंने गठबंधन सरकार के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया। उनका स्वागत और उनके भविष्य के सामाजिक और राजनीतिक करियर के लिए शुभकामनाएं।'

क्या ये शिंदे गुट की शिवसेना पर कब्जे का नया प्लान है?

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि निहार ठाकरे के जरिए शिंदे गुट यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि शिवसैनिक ही नहीं उद्धव के साथ उनका परिवार भी नहीं है। इससे पहले जयदेव ठाकरे की पूर्व पत्नी स्मिता ठाकरे मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चुकी हैं। माना जा रहा है कि ये मुलाकातें शिंदे गुट की ओर से शिवसेना पर कंट्रोल पाने के नए प्लान का हिस्सा हो सकती हैं।   

हालांकि, महाराष्ट्र की राजनीति को जानने वाले लोग कहते हैं कि निहार हों या जयदेव ठाकरे या फिर राज ठाकरे ये सभी लंबे समय से उद्धव के परिवार से दूर हैं। बाल ठाकरे के निधन के बाद स्मिता ठाकरे का भी उद्धव ठाकरे के साथ रिश्ता वैसा नहीं रहा जैसा बाल ठाकरे के वक्त था।

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मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात करने पहुंची स्मिता ठाकरे। - फोटो : सोशल मीडिया

शिंदे से मुलाकात करने वाली स्मिता का उद्धव से क्या रिश्ता? 

स्मिता ठाकरे उद्धव ठाकरे के बड़े भाई जयदेव ठाकरे की दूसरी पत्नी रही हैं। स्मिता समाजसेवी और फिल्म निर्माता हैं। वह राहुल प्रोडक्शंस और मुक्ति फाउंडेशन की अध्यक्ष और संस्थापक हैं। उनकी संस्था महिला सुरक्षा, एचआईवी/एड्स जागरूकता और शिक्षा के क्षेत्र में काम करती है। 

स्मिता बॉलीवुड की पार्टियों में भी अक्सर नजर आती हैं। स्मिता और जयदेव के दो बेटे राहुल और एश्वर्य हैं। हालांकि, स्मिता और जयदेव का 2004 में तलाक हो चुका है। स्मिता से तलाक के बाद जयदेव और बाला साहेब ठाकरे के रिश्ते खराब हो गए थे। 

इस तलाक के बाद स्मिता जहां अपने ससुराल वालों के साथ मातोश्री में रहती रहीं वहीं, जयदेव परिवार से अलग रहने लगे। तलाक के बाद जयदेव ने तीसरी शादी अनुराधा से की। अनुराधा और जयदेव की एक बेटी माधुरी है। इससे पहले जयदेव जयश्री केलकर के साथ भी शादी कर चुके थे। जिनसे उनका एक बेटा जयदीप है। 

आमतौर पर सुर्खियों से दूर रहने वाले जयदेव ठाकरे पिता के निधन के वक्त सार्वजनिक तौर पर नजर आए थे। इसके बाद परिवार से संपत्ति विवाद के चलते सुर्खियों में रहे थे। हालांकि, बाद में उन्होंने ये केस वापस ले लिया था। दरअसल बाला साहेब ने अपनी वसीयत में जयदेव को कुछ भी नहीं दिया था। जयदेव ने वसीयत को गलत बताते हुए कहा कि उनके पिता की ‘मानसिक स्थिति ठीक नहीं’ थी और भाई उद्धव ठाकरे का उन पर प्रभाव था। 

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मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे - फोटो : Getty Images

अटकलें तो राज ठाकरे के साथ आने की थी उसका क्या हुआ?

उद्धव के चचेरे भाई राज ठाकरे की भी एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होने की अटकलें लग रही हैं। कहा जा रहा है कि राज की पार्टी मनसे शिंदे सरकार का हिस्सा हो सकती है। इसके साथ ही राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे को शिंदे कैबिनेट में मंत्री बनाया जा सकता है। अमित पिता के साथ राजनीतिक मंचों पर भी नजर आते रहे हैं। 

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