{"_id":"57cf8a5a4f1c1b98633175d0","slug":"eight-muslim-youths-perform-final-rites-of-hindu-neighbour","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बेटे नहीं आए तो मुस्लिम युवकों ने मिलकर किया हिंदू पड़ोसी का अंतिम संस्कार ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
बेटे नहीं आए तो मुस्लिम युवकों ने मिलकर किया हिंदू पड़ोसी का अंतिम संस्कार
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 07 Sep 2016 11:16 AM IST
विज्ञापन
मुस्लिम युवकों ने मिलकर किया हिंदू पड़ोसी का अंतिम संस्कार
- फोटो : Times Of India
महाराष्ट्र के ठाणे में कुछ मुस्लिम युवकों ने मानवता को धर्म से ऊपर रखते हुए एक मिसाल पेश की है। मुंबरा में इन मुस्लिम युवकों ने एक हिंदू शख्स का अंतिम संस्कार किया। युवकों के पड़ोस में रहने वाले 65 साल के वमन कदम की रविवार रात को अपने घर पर मौत हो गई थी। कदम एक बिल्डिंग में चौकीदार की नौकरी करता था।
दरअसल, कदम की पहली पत्नी के दो बेटों और उसके रिश्तेदार रात में आने से हिचकिचा रहे थे। कदम की विधवा वितावा ने मुस्लिम युवकों से मदद मांगी तो वे बिना किसी हिचक के तैयार हो गए। आठ मुस्लिम युवकों खलिल पावने, फहद डाबिर, नवाज, राहिल, शबनम खान, मकसूद, फारूख खान और कासिम शेख ने खुद ही अंतिम संस्कार के कर्मकांड के लिए पंड़ित की तलाश की और उसे पूरा किया। युवकों ने खुद ही डॉक्टर से वमन कदम का मृत्यु प्रमाणपत्र बनाया।
विज्ञापन
दरअसल, कदम की पहली पत्नी के दो बेटों और उसके रिश्तेदार रात में आने से हिचकिचा रहे थे। कदम की विधवा वितावा ने मुस्लिम युवकों से मदद मांगी तो वे बिना किसी हिचक के तैयार हो गए। आठ मुस्लिम युवकों खलिल पावने, फहद डाबिर, नवाज, राहिल, शबनम खान, मकसूद, फारूख खान और कासिम शेख ने खुद ही अंतिम संस्कार के कर्मकांड के लिए पंड़ित की तलाश की और उसे पूरा किया। युवकों ने खुद ही डॉक्टर से वमन कदम का मृत्यु प्रमाणपत्र बनाया।
विज्ञापन
40 से अधिक मुस्लिम युवा हुए अंतिम यात्रा में शामिल
सांकेतिक तस्वीर
कदम की पत्नी वितावा बताती हैं, 'मेरे पति ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि उनकी अंतिम यात्रा इतने सम्मान के साथ निकलेगी। उनकी अंतिम यात्रा में 40 से भी अधिक मुस्लिम युवक थे। हम उन्हें काफी समय जानते है, तब वे बच्चे ही थे लेकिन अब उन्होंने बड़े होने की जिम्मेदारी भी निभाई है। वे हमारे बड़े हमदर्द बने।'