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बच्चों के रिपोर्ट कार्ड पर शिक्षा मंत्री का फोटो, गरमाई सियासत
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 16 Jun 2016 10:50 AM IST
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- फोटो : TOI
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महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े एक नए विवाद में फंस गए हैं। स्कूली बच्चों के रिपोर्ट कार्ड पर तावड़े की मुस्कुराती हुई तस्वीर भी आई है। इस तस्वीर के जरिए तावड़े पर खुद के प्रचार का आरोप लग रहा है।
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दरअसल, बीते बुधवार को दसवीं कक्षा के बच्चों को 'एप्टीट्यूड टेस्ट' का रिपोर्ट कार्ड मिला था। छात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए 2015-16 सत्र के लिए कराए गए टेस्ट का रिजल्ट आया था। रिपोर्ट कार्ड पर तावड़े की तस्वीर आने से टीचर और छात्र ने नाखुशी जाहिर की। वहीं इस मामले पर सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस ने विनोद तावड़े पर निशाना साधा है।
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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक स्कूलों के ट्रस्टियों का कहना है कि रिपोर्ट कार्ड पर बच्चों का नाम, रोल नंबर तक ठीक है, लेकिन तावड़े की तस्वीर की क्या जरूरत थी? तावड़े की तस्वीर पूरी तरह से अस्वीकार्य है, ये एक तरह से खुद के प्रचार का तरीका है।
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कांग्रेस ने साधा निशाना
इस मामले पर नागपुर यूथ कांग्रेस के नेता बंटी शेल्के का कहना है कि अगर रिपोर्ट कार्ड पर तस्वीर लगानी ही थी तो बच्चों की लगानी थी। उन्होंने कहा कि वे शिक्षा बोर्ड से इस बारे में जवाब-तलब करेंगे। हालांकि इस विवाद के बीच दूसरी सियासी पार्टियां इस पर कुछ भी कहने से बच रही हैं।
एक स्कूल के प्रधानाचार्य ने कहा कि वो लगभाग तीन दशकों से पढ़ा रहे हैं लेकिन पहले कभी ऐसा वाक्या नहीं देखा। सवाल ये भी किया गया कि क्या कभी किसी ने नागपुर विश्वविद्यालय से मिलने वाली डिग्री पर वहां के वाइस चांसलर की तस्वीर देखी?
वहीं पूरे मामले पर तावड़े ने सफाई दी है। तावड़े का कहना है कि उनकी तस्वीर बच्चों की मार्कशीट पर नहीं है। वो कहते हैं कि उनकी तस्वीर के साथ एक कथन भी लिखा है, जिसका सीधा मतलब बच्चों के साथ एक असरदार संपर्क रखना है। तावड़े की मानें तो कांग्रेस बेवजह इस बात को मुद्दा बना रही है।
एक स्कूल के प्रधानाचार्य ने कहा कि वो लगभाग तीन दशकों से पढ़ा रहे हैं लेकिन पहले कभी ऐसा वाक्या नहीं देखा। सवाल ये भी किया गया कि क्या कभी किसी ने नागपुर विश्वविद्यालय से मिलने वाली डिग्री पर वहां के वाइस चांसलर की तस्वीर देखी?
वहीं पूरे मामले पर तावड़े ने सफाई दी है। तावड़े का कहना है कि उनकी तस्वीर बच्चों की मार्कशीट पर नहीं है। वो कहते हैं कि उनकी तस्वीर के साथ एक कथन भी लिखा है, जिसका सीधा मतलब बच्चों के साथ एक असरदार संपर्क रखना है। तावड़े की मानें तो कांग्रेस बेवजह इस बात को मुद्दा बना रही है।