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बयान: ...तो क्या 30 नवंबर के बाद गरीबों को नहीं मिलेगा मुफ्त राशन? जानें खाद्य सचिव ने क्या कहा

Fri, 05 Nov 2021 04:12 PM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मुकेश कुमार झा Updated Fri, 05 Nov 2021 04:12 PM IST
सार

30 नवंबर के बाद गरीबों को नहीं मुफ्त राशन नहीं मिलेगा? खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव सुधांशु पांडेय ने शुक्रवार को कहा कि 30 नवंबर के बाद प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का विस्तार करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

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No proposal to extend free ration scheme beyond Nov 30:
खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव सुधांशु पांडेय - फोटो : ANI

विस्तार

खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव सुधांशु पांडेय ने शुक्रवार को कहा कि 30 नवंबर के बाद प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का विस्तार करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था अब सुधार की ओर बढ़ रही है। ऐसे में पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के विस्तार का कोई प्लान नहीं है। दरअसल, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की घोषणा मार्च 2020 में कोरोना के कारण उत्पन्न संकट को दूर करने के लिए की गई थी। शुरू में यह योजना अप्रैल-जून 2020 की अवधि के लिए शुरू की गई थी, लेकिन बाद में इसे 30 नवंबर तक बढ़ा दिया गया था।

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80 करोड़ राशन कार्डधारकों को मुफ्त राशन
पीएमजीकेएवाई के तहत सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के तहत 80 करोड़ राशन कार्डधारकों को मुफ्त राशन की आपूर्ति करती है। राशन की दुकानों के माध्यम से उन्हें सब्सिडी वाले अनाज के अतिरिक्त मुफ्त राशन दिया जाता है। सरकार घरेलू बाजार में उपलब्धता में सुधार और कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए ओएमएसएस नीति के तहत थोक उपभोक्ताओं को चावल और गेहूं दे रही है। वहीं, खाद्य तेल की महंगाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि खाद्य तेल की कीमतों में काफी गिरावट देखने को मिल रही है। कई जगहों पर 20, 18, 10, 7 रुपये की तक की गिरावट देखने को मिल रही है। पाम, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी और सभी प्रमुख तेलों में गिरावट देखने को मिल सकती है। 
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प्रमुख खाद्य तेल कंपनियों ने थोक कीमतों में 4-7 रुपये प्रति लीटर की कटौती की
बीते दिनों उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए अडाणी विल्मर और रुचि सोया इंडस्ट्रीज सहित प्रमुख खाद्य तेल कंपनियों ने थोक कीमतों में 4-7 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। उद्योग निकाय सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) ने मंगलवार को कहा कि बाकी और कंपनियों के द्वारा भी इसी तरह का कदम उठाए जाने की उम्मीद है। एसईए ने कहा कि जेमिनी एडिबल्स एंड फैट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (हैदराबाद), मोदी नैचुरल्स (दिल्ली), गोकुल रिफॉइल्स एंड सॉल्वेंट लिमिटेड (सिद्धपुर), विजय सॉल्वेक्स लिमिटेड (अलवर) गोकुल एग्रो रिसोर्सेज लिमिटेड और एनके प्रोटींस प्राइवेट लिमिटेड (अहमदाबाद) खाद्य तेलों की थोक दरों में कमी करने वाली अन्य कंपनियां हैं।
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अंतरराष्ट्रीय कीमतों में और गिरावट आने की संभावना
इस साल घरेलू सोयाबीन और मूंगफली की फसल में तेजी आ रही है, जबकि सरसों की बुवाई की शुरुआती रिपोर्ट बहुत उत्साहजनक है और भरपूर रैपसीड फसल होने की उम्मीद है। इसके अलावा विश्व खाद्य तेल आपूर्ति की स्थिति में सुधार हो रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कीमतों में और गिरावट आने की संभावना है। भारत अपनी 60 प्रतिशत से अधिक खाद्य तेलों की आवश्यकता को आयात के माध्यम से पूरा करता है। वैश्विक कीमतों में किसी भी वृद्धि का स्थानीय कीमतों पर सीधा प्रभाव पड़ता है। कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में आयात शुल्क में भारी कमी सहित कई अन्य उपाय किए थे, जिसके बारे में एसईए ने कहा कि इससे कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिली है।

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