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जाकिर नाइक के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस के लिए ईडी ने इंटरपोल की ओर रुख किया
Mon, 10 Jun 2019 01:43 AM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Mon, 10 Jun 2019 01:43 AM IST
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जाकिर नाईक (फाइल फोटो)
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विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक की मुसीबतें और बढ़ सकती हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इंटरपोल से आग्रह करेगी कि वह जाकिर नाइक के मलयेशिया से प्रत्यर्पण और रेड कॉर्नर नोटिस जारी करे। मुंबई की विशेष अदालत से
गैर जमानती वारंट हासिल करने के बाद जांच एजेंसी की ओर से यह कार्रवाई की गई है। मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत एजेंसी ने जाकिर व अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था, जिस पर अदालत ने संज्ञान लिया था। अदालत ने मामले को 19 जून तक स्थगित किया है। अब ईडी को अदालत से वारंट मिलने की उम्मीद है। वारंट मिलने के बाद उम्मीद है कि ईडी रेड कॉर्नर नोटिस के लिए इंटरपोल की ओर रुख करेगा।
मलयेशिया भी इंटरपोल के सदस्यों में एक है, जिने भारत के साथ प्रत्यर्पण संधि में वर्ष 2010 में हस्ताक्षर किए थे। वारंट मिलने के बाद ईडी भी आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत जाकिर नाइक के खिलाफ कार्रवाई करने में सक्षम होगा। जांच एजेंसी के अनुसार भारत और विदेशों में कुल 193 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है।
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जबकि 50.46 करोड़ की संपत्ति पहले ही कुर्क की जा चुकी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा जाकिर नाईक के खिलाफ दर्ज करवाई गई एफआईआर के आधार पर ईडी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नाइक के खिलाफ जांच कर रहा है।
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गैर जमानती वारंट हासिल करने के बाद जांच एजेंसी की ओर से यह कार्रवाई की गई है। मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत एजेंसी ने जाकिर व अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था, जिस पर अदालत ने संज्ञान लिया था। अदालत ने मामले को 19 जून तक स्थगित किया है। अब ईडी को अदालत से वारंट मिलने की उम्मीद है। वारंट मिलने के बाद उम्मीद है कि ईडी रेड कॉर्नर नोटिस के लिए इंटरपोल की ओर रुख करेगा।
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मलयेशिया भी इंटरपोल के सदस्यों में एक है, जिने भारत के साथ प्रत्यर्पण संधि में वर्ष 2010 में हस्ताक्षर किए थे। वारंट मिलने के बाद ईडी भी आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत जाकिर नाइक के खिलाफ कार्रवाई करने में सक्षम होगा। जांच एजेंसी के अनुसार भारत और विदेशों में कुल 193 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है।
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जबकि 50.46 करोड़ की संपत्ति पहले ही कुर्क की जा चुकी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा जाकिर नाईक के खिलाफ दर्ज करवाई गई एफआईआर के आधार पर ईडी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नाइक के खिलाफ जांच कर रहा है।