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खिचड़ी घोटाला मामला: शिवसेना-यूबीटी नेता अमोल कीर्तिकर को ईडी का समन, संजय राउत बोले- हमें डराने की कोशिश
Wed, 27 Mar 2024 11:10 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्वेता महतो
Updated Wed, 27 Mar 2024 11:10 AM IST
सार
Khichdi Scam: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने खिचड़ी घोटाला मामले में पूछताछ के लिए शिवसेना (यूबीटी) नेता अमोल कीर्तिकर को समन भेजा है। ईडी के समन पर पार्टी नेता संजय राउत ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस पर केंद्र सरकार को घेरा है।
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अमोल कीर्तिकर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने खिचड़ी घोटाला मामले में पूछताछ के लिए शिवसेना (यूबीटी) नेता अमोल कीर्तिकर को समन भेजा है। ईडी के समन पर पार्टी नेता संजय राउत ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस पर केंद्र सरकार को घेरा है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमें डराने की कोशिश की जा रही है।
संजय राउत ने कहा, "लोकसभा चुनाव के उम्मीदवार के तौर पर अमोल कीर्तिकर के नाम की घोषणा हो चुकी है। इसके बाद उन्हें ईडी का समन बेजा गया है। हमें डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हम डरेंगे नहीं।"
बता दें कि इससे पहले पिछले साल नवंबर में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने शिवसेना (यूबीटी) नेता अमोल कीर्तिकर और सूरज चव्हाण को खिचड़ी घोटाला मामले में पूछताछ के लिए समन जारी किया था। ईओडब्ल्यू ने बताया कि प्रवासी मजदूरों को खिचड़ी बांटने के लिए ठेके के लिए कीर्तिकर को 52 लाख रूपये दिए गए थे। कीर्तिकर पर फर्म का ठेका दिलवाने के लिए रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है।
खिचड़ी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मामले में संजय राउत के भाई संदीप राउत को भी इस साल जनवरी में समन भेजा गया था। उनके अलावा राकांपा शरदचंद्र पवार के अध्यक्ष शरद पवार के पोते रोहित पवार से भी पूछताछ की गई थी।
क्या है मामला
गौरतलब है कि खिचड़ी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की एक एफआईआर से सामने आया था। पुलिस के मुताबिक कोविड महामारी के दौरान प्रवासियों को खिचड़ी उपलब्ध कराने के लिए बीएमसी द्वारा ठेका देते समय कई अनियमितताएं हुई थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, खिचड़ी पैकेट की आपूर्ति के लिए बीएमसी द्वारा फोर्स वन मल्टी सर्विसेज के बैंक खाते में 8.64 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई थी।
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संजय राउत ने कहा, "लोकसभा चुनाव के उम्मीदवार के तौर पर अमोल कीर्तिकर के नाम की घोषणा हो चुकी है। इसके बाद उन्हें ईडी का समन बेजा गया है। हमें डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हम डरेंगे नहीं।"
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#WATCH | On Enforcement Directorate summons to Shiv Sena UBT leader Amol Kirtikar, Sanjay Raut says, "The moment his name was announced as a Lok Sabha election candidate, he got a summon from ED. This is only an attempt to scare, but we won't be scared." pic.twitter.com/mCtPxlxG9S
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 27, 2024
बता दें कि इससे पहले पिछले साल नवंबर में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने शिवसेना (यूबीटी) नेता अमोल कीर्तिकर और सूरज चव्हाण को खिचड़ी घोटाला मामले में पूछताछ के लिए समन जारी किया था। ईओडब्ल्यू ने बताया कि प्रवासी मजदूरों को खिचड़ी बांटने के लिए ठेके के लिए कीर्तिकर को 52 लाख रूपये दिए गए थे। कीर्तिकर पर फर्म का ठेका दिलवाने के लिए रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है।
खिचड़ी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मामले में संजय राउत के भाई संदीप राउत को भी इस साल जनवरी में समन भेजा गया था। उनके अलावा राकांपा शरदचंद्र पवार के अध्यक्ष शरद पवार के पोते रोहित पवार से भी पूछताछ की गई थी।
क्या है मामला
गौरतलब है कि खिचड़ी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की एक एफआईआर से सामने आया था। पुलिस के मुताबिक कोविड महामारी के दौरान प्रवासियों को खिचड़ी उपलब्ध कराने के लिए बीएमसी द्वारा ठेका देते समय कई अनियमितताएं हुई थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, खिचड़ी पैकेट की आपूर्ति के लिए बीएमसी द्वारा फोर्स वन मल्टी सर्विसेज के बैंक खाते में 8.64 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई थी।