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Scam: राउत के करीबी कारोबारी पाटकर की कोविड केंद्र घोटाले में मुख्य भूमिका; ईडी ने किया बड़ा दावा
Thu, 27 Jul 2023 11:36 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Thu, 27 Jul 2023 11:36 PM IST
सार
पाटकर और मामले के एक अन्य आरोपी किशोर बिसुरे को बृहस्पतिवार को उनकी पिछली हिरासत अवधि समाप्त होने पर विशेष पीएमएलए अदालत के न्यायाधीश एमजी देशपांडे के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने पाटकर की ईडी में हिरासत की अवधि एक अगस्त तक बढ़ा दी, जबकि बिसुरे को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : संवाद
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने कोविड घोटाले को लेकर बड़ा खुलासा किया है। ईडी ने एक विशेष अदालत में बताया कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत के एक करीबी मित्र और कारोबारी सुजीत पाटकर ने मुंबई में कोविड-19 उपचार केंद्रों के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं से संबंधित आपराधिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
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विशेष अदालत में गुरुवार को ईडी ने कहा कि पाटकर ने अपनी कंपनी के अन्य भागीदारों के साथ-साथ बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अधिकारियों के साथ मिलकर साजिश की थी।
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इस कथित घोटाले से संबंधित धनशोधन मामले में व्यवसायी की हिरासत अवधि बढ़ाने का अनुरोध करते हुए ईडी ने कहा कि 19 जुलाई को गिरफ्तार किए गए पाटकर को अपनी कंपनी ‘लाइफलाइन हॉस्पिटल मैनेजमेंट सर्विसेज (एलएचएमएस)’ से अपने व्यक्तिगत बैंक खाते में अपराध की आय की ‘पर्याप्त’ राशि प्राप्त हुई थी।
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पाटकर और मामले के एक अन्य आरोपी किशोर बिसुरे को बृहस्पतिवार को उनकी पिछली हिरासत अवधि समाप्त होने पर विशेष पीएमएलए अदालत के न्यायाधीश एमजी देशपांडे के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने पाटकर की ईडी में हिरासत की अवधि एक अगस्त तक बढ़ा दी, जबकि बिसुरे को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया क्योंकि जांच एजेंसी ने उनकी और हिरासत की मांग नहीं की थी। केंद्रीय एजेंसी ने दोनों को 19 जुलाई को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया था।