मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने चंदा कोचर, दीपक कोचर और वेणुगोपाल धूत से की पूछताछ
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर और वीडियोकॉन के प्रवर्तक वेणुगोपाल धूत से शुक्रवार को पूछताछ की। यह पूछताछ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले से संबंधित है जिनमें उनके व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के नाम भी जुड़े हैं।
Delhi: Videocon Chairman Venugopal Dhoot leaves after questioning by Enforcement Directorate (ED) in connection with the ICICI Bank-Videocon loan case, today. He has been called for questioning for tomorrow also. pic.twitter.com/HlUSzMqXZM
— ANI (@ANI) June 28, 2019विज्ञापन
अधिकारियों ने बताया कि तीनों से यह पूछताछ धनशोधन निरोधक अधिनियम (मनी लॉन्ड्रिंग) के तहत की गई। तीनों को नियमित समन के तहत बुलाकर उनके बयान दर्ज किए गए। निदेशालय पहले भी इन तीनों से कथित भ्रष्टाचार के मामले में पूछताछ कर चुका है। इस मामले में बैंक और वीडियोकॉन समूह शामिल है।
Delhi: Former ICICI Bank MD & CEO Chanda Kochhar leaves after questioning by Enforcement Directorate (ED) in connection with the ICICI Bank-Videocon loan case, today. pic.twitter.com/juRLlGzjLE
— ANI (@ANI) June 28, 2019
निदेशालय ने पिछले महीने दिल्ली में अपने कार्यालय में कई बार की पूछताछ के दौरान चंदा कोचर और दीपक कोचर के बयान दर्ज किए थे। निदेशालय कोचर दंपत्ति और अन्य की परिसंपत्तियों की जानकारियों का आकलन करने की भी तैयारी कर रहा है ताकि वह मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अस्थाई तौर पर इन्हें कुर्क कर सके।
प्रवर्तन निदेशालय ने आईसीआईसीआई बैंक से वीडियोकॉन समूह को 1875 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर करने में भ्रष्टाचार और अनियमिता और धन के अवैध लेनदेन के आरोप में इस साल चंदा कोचर, दीपक कोचर, धूत और अन्य के खिलाफ मनी लांडरिंग निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया था।
निदेशालय चंदा कोचर के देवर राजीव कोचर से भी इस मामले में कई बार पूछताछ कर चुका है। ईडी ने यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा दर्ज प्राथमिक के आधार पर जांच के लिए लिया है। चंदा कोचर मई 2009 में आईसीआईसीआई बैंक की मुख्यकार्यकारी अधिकारी बनी थीं।