{"_id":"5d421fcd8ebc3e6d0179d113","slug":"ed-instructed-karti-chidambaram-to-vacate-the-jor-bagh-house","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्ति चिदंबरम को ईडी ने दिया जोर बाग आवास खाली करने का निर्देश","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कार्ति चिदंबरम को ईडी ने दिया जोर बाग आवास खाली करने का निर्देश
Thu, 01 Aug 2019 05:47 AM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Thu, 01 Aug 2019 05:47 AM IST
विज्ञापन
Karti Chidambaram
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को ईडी ने अपना यहां जोर बाग इलाके में स्थित घर खाली करने का निर्देश दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जोर बाग के ब्लॉक-172 में स्थित कार्ति के घर 115-ए को आईएनएक्स मीडिया घोटाले में अटैच कर दिया था। इस मामले में कार्ति चिदंबरम को भी आरोपी बनाया गया है।
पीएमएलए (मनी लान्ड्रिंग निवारण अधिनियम) की एजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने पिछले आदेश के क्रम में बुधवार शाम को इस संपत्ति को अटैच किए जाने की पुष्टि करते हुए घर को खाली करने का नोटिस सौंप दिया। ईडी ने इस अचल संपत्ति को पिछले साल 10 अक्तूबर को अटैच कर दिया था। इसे अटैच करने की कार्रवाई की पुष्टि 29 मार्च को कर दी गई थी, जिसके बाद इसे खाली करने के निर्देश दिए गए थे।
बता दें कि यह मामला विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की तरफ से 2007 में आईएनएक्स मीडिया को 305 करोड़ रुपये का निवेश हासिल करने के लिए दी गई मंजूरी से जुड़ा है। ईडी का आरोप है कि तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने नियमों का उल्लंघन करते हुए यह मंजूरी दी थी, जिसके बदले कार्ति चिदंबरम को मोटी रकम हासिल हुई थी। हालांकि चिदंबरम परिवार इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताता रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पीएमएलए (मनी लान्ड्रिंग निवारण अधिनियम) की एजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने पिछले आदेश के क्रम में बुधवार शाम को इस संपत्ति को अटैच किए जाने की पुष्टि करते हुए घर को खाली करने का नोटिस सौंप दिया। ईडी ने इस अचल संपत्ति को पिछले साल 10 अक्तूबर को अटैच कर दिया था। इसे अटैच करने की कार्रवाई की पुष्टि 29 मार्च को कर दी गई थी, जिसके बाद इसे खाली करने के निर्देश दिए गए थे।
विज्ञापन
बता दें कि यह मामला विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की तरफ से 2007 में आईएनएक्स मीडिया को 305 करोड़ रुपये का निवेश हासिल करने के लिए दी गई मंजूरी से जुड़ा है। ईडी का आरोप है कि तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने नियमों का उल्लंघन करते हुए यह मंजूरी दी थी, जिसके बदले कार्ति चिदंबरम को मोटी रकम हासिल हुई थी। हालांकि चिदंबरम परिवार इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताता रहा है।
विज्ञापन