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ED Deputy Director Bail: ईडी के उप निदेशक चिंतन रघुवंशी को राहत, जमानत के बाद भुवनेश्वर जेल से रिहा
Fri, 25 Jul 2025 09:22 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटक
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 25 Jul 2025 09:22 PM IST
सार
इससे पहले हाईकोर्ट ने उन्हें 10 दिनों की अंतरिम जमानत दी थी, ताकि वे अपनी बीमार पत्नी और नवजात बच्चे से मिल सकें।
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Bail
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के उप निदेशक चिंतन रघुवंश को शुक्रवार शाम ओडिशा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद भुवनेश्वर की झारपाड़ा जेल से रिहा हो गए। उन्हें मई में सीबीआई ने रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था।
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सहयोगी भक्ति बिनोद बेहरा को भी जमानत
हाईकोर्ट ने उनके सहयोगी भक्ति बिनोद बेहरा को भी जमानत दी। उनकी गाड़ी से सीबीआई ने रिश्वत की रकम बरामद की थी। जस्टिस गौरीशंकर सतपथी ने दोनों की अलग-अलग जमानत याचिकाओं को एक साथ स्वीकार करते हुए कड़ी शर्तें लगाईं।
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खनन व्यवसायी से रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था
सीबीआई ने उन्हें भुवनेश्वर के एक खनन व्यवसायी से रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। एजेंसी के अनुसार, रघुवंशी ने शुरू में 5 करोड़ रुपये की मांग की थी, जिसे बाद में घटाकर 2 करोड़ कर दिया गया और 20 लाख रुपये की पहली किस्त प्राप्त हुई।
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हाईकोर्ट ने पहले 10 दिनों की अंतरिम जमानत दी थी
रघुवंशी ने व्यवसायी से ईडी में लंबित 12 वित्तीय अनियमितता के मामलों में उसे गिरफ्तार न करने और संपत्ति जब्त न करने का वादा कर यह रकम मांगी थी। इससे पहले हाईकोर्ट ने उन्हें 10 दिनों की अंतरिम जमानत दी थी, ताकि वे अपनी बीमार पत्नी और नवजात बच्चे से मिल सकें।
पूर्व प्रवर्तन निदेशालय अधिकारी को तीन साल की कैद
इस बीच सीबीआई की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय के एक पूर्व प्रवर्तन अधिकारी को रिश्वतखोरी के एक मामले में तीन साल की कैद की सजा सुनाई। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर और केंद्रीय उत्पाद शुल्क, चेन्नई से प्रतिनियुक्ति पर आए ललित बजद ने एक व्यवसायी को अंतहीन कानूनी कार्यवाही में उलझाकर उसके व्यवसाय और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर पांच लाख रुपये की रिश्वत ली थी। सीबीआई के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि एजेंसी की बंगलूरू इकाई में तैनात इस अधिकारी पर विशेष अदालत ने 5.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।