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ईडी की कार्रवाई : नोएडा बाइक बोट पोंजी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 112 करोड़ की संपत्तियां की अटैच
Thu, 07 Oct 2021 01:59 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Thu, 07 Oct 2021 01:59 AM IST
सार
ईडी का कहना है, उसने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत 107.01 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अटैच करने का अस्थायी आदेश जारी किया है।
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प्रवर्तन निदेशालय
- फोटो : social media
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नोएडा बाइक बोट पोंजी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 112 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां अटैच की हैं। बुधवार को एक बयान में एजेंसी ने बताया, यह संपत्तियां बाइक बोट घोटाले में शामिल गार्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लि (जीआईपीएल), उसके प्रवर्तक संजय भाटी और अन्य संबद्ध इकाइयों की हैं।
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ईडी का कहना है, उसने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत 107.01 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अटैच करने का अस्थायी आदेश जारी किया है। इनमें जेनिथ टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड की सागा हैबिटाट परियोजना के फ्लैट, अर्नी विश्वविद्यालय की जमीन व भवन, साहा इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के अमेडियस प्रोजेक्ट और नोबल बिल्डटेक की व्हाइट हाउस प्रोजेक्ट के निर्माणाधीन टावर शामिल हैं। साथ ही 5.35 करोड़ रुपये की सावधि जमा भी अटैच की गई है। इस तरह कुल 112.36 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच हुई हैं।
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बता दें कि ग्रेटर नोएडा मुख्यालय वाली बाइक बोट टैक्सी सेवा पर उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान और हरियाणा समेत कई राज्यों में 2.25 लाख निवेशकों को तीन से चार हजार करोड़ रुपये का चूना लगाने का आरोप है। ईडी ने नोएडा पुलिस की आरोपी कंपनी, उसके प्रवर्तक भाटी और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी के आधार पर यह मामला दायर किया था।
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