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ईडी की कार्रवाई: इंडसवीवा हेल्थ साइंसेज और चेयरमैन की 66.30 करोड़ की संपत्तियां जब्त, 1500 करोड़ के घोटाले का मामला
Fri, 04 Feb 2022 06:18 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 04 Feb 2022 06:18 PM IST
सार
प्रवर्तन निदेशालय ने मल्टी लेवल मार्केटिंग घोटाले के एक मामले में आरोपियों की करोडों रुपये की संपत्ति जब्त की है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
विस्तार
1500 करोड़ रुपये के एक मल्टी लेवल मार्केटिंग घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने इंडसवीवा हेल्थ सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, इसके निदेशक सीए अंजार और अन्य की 66.30 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं। एजेंसी ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई है।
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इस मामले में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच की शुरुआत हैदराबाद के गाचिबौली पुलिस थाने में दर्ज एक एफआईआर के आधार पर की थी। इसे लेकर ईडी ने कहा कि कंपनी मल्टी लेवल मार्केटिंग घोटाले में शामिल है जिसका पिरामिट रूपी ढांचा अवैध है और यह खुद को एक डायरेक्ट सेलिंग बिजनेस की तरह बताते हुए काम कर रही है।
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एजेंसी ने बताया कि कंपनी ने बड़ी संख्या में वितरकों को जोड़ा और अपनी कमीशन योजना के बारे में बड़े स्तर पर प्रचार किया। इसमें कंपनी ने कहा कि सदस्य बन कर और फिर और लोगों को शामिल कर तेजी से और आसानी से पैसा कमाया जा सकता है। अपने फर्जी योजना को सही दिखाने के लिए आरोपियों ने कुछ उत्पाद भी पेश किए। फर्जी वादे करते कंपनी ने करीब 10 लाख लोगों को सदस्य बनाया और लगभग 1500 करोड़ रुपये जुटाए।
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जांच के दौरान पता चला कि इंडसवीवा के चेयरमैन सीए अंजार और सीईओ अभिलाष थॉमस ने सहयोगी कंपनियों में और अपने निजी खातों में यह राशि स्थानांतरित की। इस राशि का इस्तेमाल अचल संपत्तियों को खरीदने में किया गया। कंपनियों और लोगों के नाम पर ऐसी 50.47 करोड़ रुपये की संपत्तियां सामने आई हैं। ईडी ने अंजार और थॉमस को पुछले साल 15 दिसंबर को गिरफ्तार किया था और वह इस समय न्यायिक हिरासत में हैं।