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पीएमसी बैंक घोटाला: दिल्ली में 100 करोड़ के तीन होटल अटैच, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की कार्रवाई
Sat, 19 Sep 2020 02:08 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 19 Sep 2020 02:08 AM IST
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पीएमसी बैंक
- फोटो : PTI
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प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली में तीन होटलों को अटैच किया है। इन होटलों की कीमत 100 करोड़ रुपये है।
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केंद्रीय एजेंसी ने दिल्ली के कैलाश कॉलोनी, ईस्ट ऑफ कैलाश और कालकाजी इलाके में फैब होटल ग्रुप के होटलों को अटैच किया। एजेंसी ने कहा कि इन होटलों का मालिकाना हक लिब्रा रियलटर्स प्राइवेट लिमिटेड, दीवान रियलटर्स प्राइवेट लिमिटेड, राकेश कुमार वधावन, रोमी मेहरा, लिब्रा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के पास है।
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एजेंसी के मुताबिक, ये संपत्तियां हैं, होटल कांक्लेव बुटीक ए-20 कैलाश कॉलोनी, होटल कांक्लेव कंफर्ट, डी-150 ईस्ट ऑफ कैलाश और होटल कांक्लेव एक्जीक्यूटिव, सी-22 कालकाजी, इन्हें अब फैब होटल्स के नाम से जाना जाता है।
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जांच में पता चला कि लिब्रा रियलटर्स और दीवान रियलटर्स ने कर्ज ने नाम पर 247 करोड़ रुपये धोखे से हासिल किए। यह राशि 6117 करोड़ रुपये का हिस्सा थी, जो एचडीआईएल समूह ने पीएमसी बैंक से कर्ज के तौर पर ली थी।
ईडी ने पिछले साल अक्तूबर में एचडीआईएल के प्रवर्तक राकेश कुमार वधावन, बेटे सारंग वधावन, पूर्व चेयरमैन वरयाम सिंह और पूर्व एमडी जॉय थॉमस के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था।
इससे पहले ईडी ने राकेश वधावन और उनके परिवार की 193 करोड़ की संपत्ति और 63 करोड़ रुपये के आभूषण जब्त किए थे। ईडी ने पिछले साल वधावन पिता और पुत्र को गिरफ्तार किया था और दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
कर्नाटक कोऑपरेटिव बैंक घोटाले में ईडी ने अटैच की 45 करोड़ की संपत्ति
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक में कोऑपरेटिव बैंक घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 45 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। केंद्रीय एजेंसी ने श्री गुरु राघवेंद्र सहकारी बैंक और श्री गुरु सर्वभौम क्रेडिट कोऑपरेटिव लिमिटेड के अध्यक्ष, पूर्व उपाध्यक्ष, पूर्व सीईओ और मौजूदा सीईओ की संपत्ति अटैच करने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत आदेश जारी किया था।
एजेंसी ने 7.16 करोड़ की चल संपत्ति अटैच की है, जिसमें आरोपियों के बैंक बैलेंस और एफडी शामिल हैं। वहीं 38.16 करोड़ की अचल संपत्ति है, जिसमें कृषि भूमि, आवासीय अपार्टमेंट, घर शामिल है।
यह संपत्ति के रामाकृष्णा, स्वर्गीय टीएस सत्यनारायण, स्वर्गीय एमवी मैया, संतोष कुमार ए और बैंक के अन्य अधिकारियों के नाम पर हैं। अटैच की गई संपत्ति की कुल कीमत 45,32 करोड़ रुपये है।
ईडी के मुताबिक, टीडीएस का भुगतान करने से बचने के लिए के रामाकृष्णा ने 2015 में श्री गुरु सर्वभौम कोऑपरेटिव लिमिटेड सोसायटी की स्थापना की थी। 2016 से 2019 के बीच सोसायटी की ओर से करोड़ों रुपये बैंक में ट्रांसफर किए गए।
बैंक के अध्यक्ष एमवी मैया ने इन पैसों को एनपीए खातों में डाला ताकि बैंक का एनपीए मानक को कम किया जा सके। ईडी ने इस साल फरवरी में बंगलूरू पुलिस की एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था।