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ED: रोहिंग्या-बांग्लादेशियों की भारत में अवैध घुसपैठ कराने वाला नेटवर्क, FCRA चैनलों के जरिए लिया विदेशी फंड

Thu, 16 Jul 2026 08:58 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Thu, 16 Jul 2026 08:58 PM IST
सार

एक संगठित सिंडिकेट, रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की भारत में अवैध घुसपैठ कराता था। इतना ही नहीं इस संगठित सिंडिकेट ने एफसीआरए चैनलों के जरिए विदेशी फंड भी हासिल किया था।

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ED Alleges Network Facilitated Illegal Entry of Rohingyas, Bangladeshis Using Foreign Funds via FCRA Channels
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ जोनल ऑफिस ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सहित 16 ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई कथित तौर पर टेरर फंडिंग और अवैध घुसपैठ नेटवर्क से जुड़े 'प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' 2002 के तहत की गई है। आरोप है कि एक संगठित सिंडिकेट, रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की भारत में अवैध घुसपैठ कराता था। इतना ही नहीं इस संगठित सिंडिकेट ने एफसीआरए चैनलों के जरिए विदेशी फंड भी हासिल किया था।
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पीएमएलए के तहत हुई यह जांच उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड द्वारा दर्ज एफआईआर नंबर 12/2023 (दिनांक 11.10.2023) से शुरू हुई है। यह एफआईआर आईपीसी, फॉरेनर्स एक्ट और पासपोर्ट एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत एक संगठित सिंडिकेट के ख़िलाफ़ दर्ज की गई थी। इस सिंडिकेट पर आरोप है कि वह रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की भारत में अवैध घुसपैठ में मदद करता था। उनके लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट जैसे नकली भारतीय पहचान दस्तावेज़ों का इंतज़ाम करता था। बाद में उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में बसाता था।
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जांच से पता चला है कि एक ऐसा नेटवर्क काम कर रहा था जो जाली दस्तावेज़ बनाने, मानव तस्करी, घुसपैठियों को गैर-कानूनी तरीके से बसाने और धोखाधड़ी से बैंक खाते चलाने जैसे कामों में शामिल था। जांच में कुछ ऐसे चैरिटेबल ट्रस्ट और संस्थाओं की भूमिका का भी पता चला है, जिन पर विदेशी चंदा लेने और गैर-कानूनी गतिविधियों में मदद करने का आरोप है।
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ईडी की जांच में एक जटिल वित्तीय नेटवर्क का भी पता चला है, जिसमें कई ट्रस्ट और संस्थाएं शामिल थीं। इन पर आरोप है कि उन्होंने एफसीआरए चैनलों के ज़रिए भारी विदेशी फंड हासिल किया है। गैर-कानूनी घुसपैठ व बसाने की गतिविधियों में मदद के लिए उस फंड को कई तरह के लेन-देन, 'म्यूल' बैंक खातों और नकद निकासी के ज़रिए दूसरी जगहों पर भेजा। जांच से यह भी पता चला है कि भारत में बसने में मदद करने के लिए कई बैंक खातों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। कई लोगों को छोटे-छोटे हिस्सों में पैसे ट्रांसफर किए गए। तलाशी अभियान के दौरान, जांच से जुड़े कई अहम दस्तावेज़, डिजिटल डिवाइस, बैंक रिकॉर्ड और अन्य सबूतों के अलावा, लगभग 40 लाख रुपये नकद और करीब 180 ग्राम सोना ज़ब्त किया गया।





 
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