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ED: मेडिकल उपकरण और दवाओं की खरीद में भ्रष्टाचार, महंगी दरों पर खरीदा सामान; सरकार को 12 करोड़ का नुकसान

Tue, 07 Jul 2026 10:32 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Tue, 07 Jul 2026 10:32 PM IST
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ED Alleges Corruption in Medical Equipment, Drug Procurement; Govt Suffered Rs12 Crore Loss
डायरेक्टोरेट ऑफ एनफोर्समेंट - फोटो : अमर उजाला

डायरेक्टोरेट ऑफ एनफोर्समेंट (ईडी) के पटना जोनल ऑफिस ने  मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, पटना को वित्तीय वर्ष 2008-09 और 2009-10 के दौरान अधिक कीमत और जरूरत से अधिक मात्रा में दवाइयां और अन्य सामान सप्लाई करने के मामले में कार्रवाई की है। ओम प्रकाश पांडे (बालाजी एंटरप्राइजेज के मालिक) और अन्य के खिलाफ स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए), पटना में सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (अतिरिक्त अभियोजन शिकायत) दायर की है। यह शिकायत 28.04.2022 की प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट के सिलसिले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत दायर की गई है।

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ईडी ने विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो, पटना द्वारा ओपी चौधरी (तत्कालीन पीएमसीएच सुपरिटेंडेंट) और अन्य लोगों के खिलाफ आईपीसी, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज केस और चार्ज-शीट के आधार पर जांच शुरू की। पीएमएलए के तहत हुई जांच के अनुसार, 2008-09 और 2009-10 की अवधि के दौरान, पीएमसीएच के अधिकारियों ने विभिन्न सप्लायरों के साथ मिलीभगत करके दवाएं, केमिकल रिएजेंट, मशीनें और मेडिकल उपकरण, स्टेट हेल्थ सोसाइटी /स्टेट ड्रग कंट्रोलर द्वारा तय दरों से अधिक दरों पर और जरूरत से कहीं अधिक मात्रा में खरीदे, जिससे सरकारी खजाने को लगभग 12.63 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। 
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इससे पहले, इस मामले में ओम प्रकाश चौधरी, विनोद कुमार सिंह, गणेश प्रसाद सिंह, अमित कुमार धनधानिया और बिमल डालमिया और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर लगभग 3.14 करोड़ रुपये की चल/अचल संपत्तियों को - जो अपराध से प्राप्त आय (पीओसी) थीं, अटैच किया गया था। बाद में 28.04.2022 को विशेष अदालत (पीएमएलए), पटना के समक्ष अभियोजन शिकायत (पीसी) दायर की गई थी, जिसकी सुनवाई चल रही है।
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अपराध से हुई कमाई' का पता लगाने के लिए आगे की जांच की गई, जिससे और भी ऐसी कमाई का पता चला। आगे की जांच के दौरान, पीएमसीएच के अधिकारियों की मिलीभगत से ज़्यादा कीमत और बहुत ज़्यादा मात्रा में दवाइयां, केमिकल रिएजेंट, मशीनें और मेडिकल उपकरण सप्लाई करने वाले सप्लायरों को हुई कमाई का पता चला, जो लगभग 3.01 करोड़ रुपये थी। इसे 07.05.2025 के प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के जरिए अटैच किया गया और पीएमएलए, नई दिल्ली की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने 09.10.2025 के ऑर्डर से इसकी पुष्टि की। इसके बाद, 06.07.2026 को ओम प्रकाश पांडे और अन्य के खिलाफ सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दायर की गई, जिसमें अटैच की गई और पुष्टि की गई इन संपत्तियों को जब्त करने की मांग की गई। 

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