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आंध्र प्रदेश : मानव बाल निर्यातकों के यहां ईडी ने छापेमारी में 2.90 करोड़ रुपये किए बरामद
Thu, 26 Aug 2021 02:27 AM IST
Kuldeep Singh
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Thu, 26 Aug 2021 02:27 AM IST
सार
- ईडी ने एक बयान में कहा कि छापे की यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (फेमा) के प्रावधानों के तहत राज्य के पश्चिम गोदावरी जिले में इन व्यापारियों से जुड़े आठ परिसरों में की गई
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प्रवर्तन निदेशालय
- फोटो : social media
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को आंध्र प्रदेश में कुछ मानव बाल निर्यातकों के यहां छापेमारी में 2.90 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी बरामद की। इसके अलावा एजेंसी ने कुछ मोबाइल फोन और कंप्यूटर भी जब्त किए हैं।
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ईडी ने एक बयान में कहा कि छापे की यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (फेमा) के प्रावधानों के तहत राज्य के पश्चिम गोदावरी जिले में इन व्यापारियों से जुड़े आठ परिसरों में की गई। छापेमारी में 12 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, एक कंप्यूटर, हाथ से लिखी डायरियां, कच्चा खाता-बही और 2.90 करोड़ रुपये जब्त किए गए।
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एजेंसी के मुताबिक, ये निर्यातक अपने परिसर में मिली नकदी के स्रोत का पता नहीं बता सके। एजेंसी ने कहा कि जब वह कुछ ऑनलाइन चीनी सट्टेबाजी ऐप्स (इंटरनेट-आधारित एप्लिकेशन) के खिलाफ धनशोधन के एक अलग मामले की जांच कर रही थी, तो इसके बारे में जानकारी मिली।
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ईडी ने कहा कि मानव बाल व्यापारियों को 16 करोड़ रुपये के हवाला भुगतान किए गए थे और इसके परिणामस्वरूप तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में स्थित बाल व्यापारियों के खिलाफ फेमा जांच शुरू की गई थी। जांच में पाया गया कि कई घरेलू व्यापारी हैदराबाद, गुवाहाटी और कोलकाता में स्थित विदेशी व्यापारियों को बाल बेच रहे थे।
एजेंसी ने कहा कि इन बालों की भारत से तस्करी मोरेह (मणिपुर), जोखावथर (मिजोरम) और आइजोल (मिजोरम) आदि जगहों से म्यांमा के मांडले में की जाती है। एजेंसी के मुताबिक, चीनी व्यापारी आयात के समय 28 प्रतिशत के आयात शुल्क से बच जाते हैं और तस्करी किए गए भारतीय बालों को चीनी बालों के रूप में दावा करके निर्यात के समय आठ प्रतिशत निर्यात प्रोत्साहन राशि भी कमाते हैं।