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SIR: 'अमर्त्य सेन को पेश होने की जरूरत नहीं'; मतदाता सूची विवाद पर चुनाव आयोग ने दी सफाई, कहा- गलती हुई
Tue, 06 Jan 2026 10:42 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Tue, 06 Jan 2026 10:42 PM IST
सार
मतदाता सूची में नाम की वर्तनी को लेकर उठे विवाद पर चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि अमर्त्य सेन को किसी सुनवाई में पेश होने की जरूरत नहीं है। यह केवल तकनीकी गलती है, जिसे स्थानीय स्तर पर ठीक किया जाएगा।
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अमर्त्य सेन
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
मतदाता सूची में नाम की वर्तनी को लेकर उठे विवाद पर चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। आयोग ने कहा है कि नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को किसी भी तरह की सुनवाई में पेश होने की आवश्यकता नहीं है। आयोग के अनुसार यह मामला केवल तकनीकी त्रुटि का है, जिसे स्थानीय स्तर पर ही ठीक कर लिया जाएगा।
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दरअसल, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान अमर्त्य सेन के नाम की स्पेलिंग में अंतर पाया गया था। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि सेन को चुनाव आयोग ने सुनवाई का नोटिस भेजा है। हालांकि, आयोग ने साफ किया कि ऐसी कोई जरूरत नहीं है और यह भ्रम बेवजह फैल गया।
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स्थानीय स्तर पर होगा सुधार
चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बूथ लेवल ऑफिसर को मतदाता सूची में नाम की वर्तनी जैसी छोटी गलतियों को सुधारने का अधिकार है। इसलिए अमर्त्य सेन के मामले में भी सुधार प्रशासनिक स्तर पर ही किया जाएगा। आयोग ने यह भी कहा कि इस तरह की तकनीकी गलतियों से किसी मतदाता की पात्रता या अधिकार प्रभावित नहीं होते।
एसआईआर पर आयोग की सख्ती
आयोग ने निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की विसंगति से जुड़े नोटिस तुरंत डाउनलोड कर चार से पांच दिनों के भीतर संबंधित मतदाताओं तक पहुंचाए जाएं। इस काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को रोजाना रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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आपात बैठक और घटती विसंगतियां
पहले चरण के एसआईआर में करीब 1.36 करोड़ मतदाताओं के डेटा में गड़बड़ी सामने आई थी। सत्यापन के बाद यह संख्या घटकर करीब 59 लाख रह गई है। इसी बीच, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 8 जनवरी को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की बैठक बुलाई है, जिसमें एसआईआर, चुनावी तैयारी और कानून-व्यवस्था पर चर्चा होगी।
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