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SIR: देशभर में मतदाता सूची पुनरीक्षण की कवायद तेज, तैयारियों पर विचार-विमर्श के लिए चुनाव आयोग ने की अहम बैठक
Wed, 10 Sep 2025 11:55 AM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Wed, 10 Sep 2025 11:55 AM IST
सार
गहन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विदेशी अवैध प्रवासियों के जन्म स्थान की जांच करके उन्हें बाहर निकालना है। बांग्लादेश और म्यांमार सहित विभिन्न राज्यों में अवैध विदेशी प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई के मद्देनजर यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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चुनाव आयोग देशभर में शुरू करेगा मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को पूरे देश में लागू करने की तैयारियों पर चर्चा के लिए चुनाव आयोग ने एक महत्वपूर्ण बैठक की। अपने राज्य अधिकारियों के साथ हुई बैठक में चुनाव आयोग ने देशभर में मतदाता सूची पुनरीक्षण की कवायद पर विचार-विमर्श किया। बैठक में चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने आयोग की एसआईआर नीति पर एक प्रस्तुति दी। इस दौरान बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एसआईआर के कार्यान्वयन में राज्य के अनुभव को साझा किया।
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सीईओ की यह तीसरी बैठक
फरवरी में ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त का पदभार ग्रहण करने के बाद सीईओ की यह तीसरी बैठक है। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि बुधवार की दिन भर चलने वाली बैठक महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें पूरे देश में एसआईआर की तैयारियों पर चर्चा की जा रही है।
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एसआईआर पूरे देश में लागू किया जाएगा
आयोग ने कहा है कि बिहार के बाद एसआईआर पूरे देश में लागू किया जाएगा। ऐसे संकेत हैं कि यह प्रक्रिया इस साल के अंत में असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले शुरू हो जाएगी।
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ईसी ने कहा, आधार कार्ड को 12वें दस्तावेज के रूप में स्वीकार करें
निर्वाचन आयोग ने बिहार चुनाव आयोग से कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार मतदाताओं की पहचान स्थापित करने के लिए आधार कार्ड को एक अतिरिक्त यानी 12वें दस्तावेज के रूप में स्वीकार करें। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को मंगलवार को लिखे पत्र में आयोग ने कहा, सूचीबद्ध 11 दस्तावेजों के अलावा आधार कार्ड को 12वें दस्तावेज के रूप में माना जाएगा। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि (वित्तीय और अन्य सब्सिडी, लाभ और सेवाओं का वितरण) अधिनियम की धारा 9 के अनुसार आधार कार्ड को पहचान पत्र के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए, न कि नागरिकता के प्रमाण के रूप में।
अवैध विदेशी प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई
इस गहन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विदेशी अवैध प्रवासियों के जन्म स्थान की जांच करके उन्हें बाहर निकालना है। बांग्लादेश और म्यांमार सहित विभिन्न राज्यों में अवैध विदेशी प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई के मद्देनजर यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस गहन समीक्षा के तहत चुनाव अधिकारी त्रुटिरहित मतदाता सूची सुनिश्चित करने के लिए घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। विपक्षी दलों की ओर से भाजपा की मदद के लिए चुनाव आयोग पर मतदाता आंकड़ों में हेराफेरी करने के आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने गहन संशोधन में अतिरिक्त कदम उठाए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अवैध प्रवासी मतदाता सूची में शामिल न हों।
एसआईआर में क्या-क्या?
निर्वाचक बनने या राज्य के बाहर से आने वाले आवेदकों की एक श्रेणी के लिए एक अतिरिक्त 'घोषणा पत्र' पेश किया गया है। उन्हें यह शपथपत्र देना होगा कि उनका जन्म 1 जुलाई, 1987 से पहले भारत में हुआ था और उन्हें जन्म तिथि या जन्म स्थान की पुष्टि करने वाला कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। घोषणा पत्र में सूचीबद्ध विकल्पों में से एक यह है कि उनका जन्म 1 जुलाई, 1987 और 2 दिसंबर, 2004 के बीच भारत में हुआ हो। उन्हें अपने माता-पिता की जन्मतिथि या स्थान के बारे में भी दस्तावेज जमा करने होंगे।