बजट की तारीख पर कानूनी राय ले रहा चुनाव आयोग
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उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम घोषित होते ही एक फरवरी को पेश होने वाले आमबजट पर सियासी कोहराम की जमीन तैयार हो गई है। कांग्रेस समेत कई दल चुनाव से ठीक पहले आम बजट पेश करने पर आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग और राष्ट्रपति भवन का दरवाजा खटखटा चुके हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने विपक्ष की आम बजट की तारीख टालने संबंधी मांग पर विचार विमर्श के बाद फैसला लेने की बात कही है। गौरतलब है कि सरकार पहले ही चुनाव आयोग से आम बजट पेश करने की सहमति हासिल कर चुकी है। जबकि विपक्षी नेताओं ने आयोग की ओर से आम बजट की तारीख न टालने पर सरकार के साथ-साथ आयोग की व्यापक घेरेबंदी की रणनीति तैयार की है।
दरअसल इस साल पहली बार हमेशा से मार्च महीने में पेश होता रहे आम बजट को एक फरवरी को पेश किया जाना है। विपक्ष की आपत्ति है कि चूंकि आम बजट पहले चरण के चुनाव के ठीक तीन दिन पहले पेश होगा। ऐसे में सरकार लोकलुभावन घोषणाओं के जरिए मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश करेगी।
जैदी बोले विचार विमर्श के बाद लिया जाएगा फैसला
ज्ञापन में कहा गया है इससे सार्वजनिक रूप से मंगलवार से लागू आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होगा। गौरतलब है कि इससे पहले भी आम बजट मार्च से पहले पेश होते रहे हैं। मगर ऐसा हर बार लोकसभा चुनाव या मध्यावधि चुनाव के कारण होता आया है।
इससे संबंधित सवाल केजवाब में जैदी ने कांगेस समेत कई दलों की ओर से आम बजट की तारीख टालने संबंधी ज्ञापन मिलने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि आयोग इस संबंध में कानूनी राय ले रहा है। इस मामले में व्यापक विचार विमर्श के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।
जैदी ने इस दौरान प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन और 2 जनवरी को लखनऊ रैली के कारण चुनाव कार्यक्रम की घोषणा टालाने संबंधी आरोपों का खंडन किया।