फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   EC says evm vvpt tally data shows 100% match in recently concluded assembly elections

चुनाव आयोग: ईवीएम और वीवीपैट से छेड़छाड़ संभव नहीं, दोनों के नतीजे सौ फीसदी सटीक

Thu, 03 Jun 2021 03:54 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 03 Jun 2021 03:54 PM IST
सार

हाल ही में हुए चार राज्यों के विधानसभा चुनावों में वीवीपैट और ईवीएम को लेकर फिर से सवाल खड़े किए गए थे। चुनाव आयोग ने आरोपों को खारिज कर दिया है। आयोग ने कहा कि ईवीएम और वीवीपैट के साथ छेड़छाड़ संभव नहीं है।

विज्ञापन
EC says evm vvpt tally data shows 100% match in recently concluded assembly elections
वीवीपैट

विस्तार

ईवीएम और वीवीपैट को लेकर उठते सवालों के बीच चुनाव आयोग ने एक बार फिर कहा कि इसके साथ गड़बड़ी नहीं हो सकती है। इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और  वोटर वेरिफाइड पेपर ट्रेल मशीन (वीवीपैट) के बीच का डेटा सौ फीसदी सटीक है। इसकी सटीकता और प्रामाणिकता इस बात से प्रमाणित होती है कि दोनों के परिणाम एक जैसे हैं। दोनों इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के परिणाम में कोई अंतर नहीं है। साल की शुरुआत में चार राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में वीवीपैट का इस्तेमाल किया गया था, इसके आंकड़े एक दम सही सामने आए हैं।
विज्ञापन


ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को लिखा था पत्र
पश्चिम बंगाल में 1,492 वीवीपैट, तमिलनाडु में 1,183, केरल में 728, असम में 647 और पुडुचेरी में 156 वीवीपैट लगाए गए थे। बता दें कि वीवीपैट से निकलने वाली पर्ची यह बता देती है कि आपका वोट किस उम्मीदवार को गया है।
विज्ञापन

 गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर ईवीएम की गिनती के साथ वीवीपैट पर्चियों को मिलान करने का आग्रह किया था। उसी पर चुनाव आयोग ने कहा कि दोनों की सत्यता सौ फीसदी सटीक है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


लोकसभा चुनाव में भी वीवीपैट का हुआ था इस्तेमाल
वीवीपैट का पहली बार इस्तेमाल सितंबर 2013 में नगालैंड के चुनाव में हुआ था। उसके बाद 2019 के आम चुनाव में भी वीवीपैट का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि 2014 के लोकसभा चुनाव में कुछ जगहों पर इसका उपयोग किया गया था। हालांकि इस दौरान विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से इसमें गड़बड़ी की शिकायत की थी,लेकिन निर्वाचन आयोग ने उनके आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। आयोग ने कहा था कि दोनों के बीच कोई अंतर नहीं है। नियम के अनुसार, वीवीपैट पर्चियों की संख्या और संबंधित ईवीएम की गिनती के बीच अंतर होने की स्थिति में, वीवीपैट की गिनती ही मान्य होती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed